फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Anthropologically gods do not belong to upper caste says JNU VC Shantishree Dhulipudi Pandit

जेएनयू की कुलपति बोलीं: देवता ऊंची जाति के नहीं होते, SC या ST हो सकते हैं भगवान शिव

Mon, 22 Aug 2022 08:28 PM IST
प्रशांत कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 22 Aug 2022 08:28 PM IST
सार

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म एक धर्म नहीं है, यह जीवन का एक तरीका है तो हम आलोचना से क्यों डरते हैं।  मानवशास्त्रीय रूप से देवता ऊंची जाति के नहीं होते। भगवान शिव अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति जाति के हो सकते हैं। 

विज्ञापन
Anthropologically gods do not belong to upper caste says JNU VC Shantishree Dhulipudi Pandit
जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने सोमवार को कहा कि मानवशास्त्रीय रूप से देवता ऊंची जाति के नहीं होते। भगवान शिव अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति जाति के हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी महिलाओं को बता दूं कि मनुस्मृति के अनुसार सभी महिलाएं शूद्र हैं। इसलिए कोई भी महिला यह दावा नहीं कर सकती कि वह ब्राह्मण या कुछ और है। शादी के बाद महिला को जाति मिलती है।

विज्ञापन

हम आलोचना से क्यों डरते हैं
कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने कहा कि आप में से अधिकांश को हमारे देवताओं की उत्पत्ति को मानवशास्त्रीय रूप से जानना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम बाबासाहेब के विचारों पर पुनर्विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म एक धर्म नहीं है, यह जीवन का एक तरीका है तो हम आलोचना से क्यों डरते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भगवान जगन्नाथ आदिवासी हों।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed