अन्ना के सुझावों सहित पास हुआ जनलोकपाल बिल
दिल्ली सरकार ने विधानसभा में शुक्रवार को संशोधन के साथ जनलोकपाल बिल पास कर दिया। सरकार ने अन्ना हजारे के सुझावों को बिल में शामिल किया। विपक्ष दल भाजपा के विधायकों ने बिल को राजनीतिक करार देते हुए विरोध किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया कि बिल को पास कराने के लिए केंद्र सरकार के पास जाएंगे। सरकार नेे उनका आग्रह नहीं माना तो वे अंगुली टेढ़ी करेंगे।
इस तरह उन्होंने बिल को लेकर केंद्र सरकार के साथ दो-दो हाथ करने का बिगुल बजा दिया। बिल पर चर्चा में भाग लेने के दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में जनलोकपाल के बिना भी भ्रष्टाचार कम हो गया है।
विपक्ष ने बिल को राजनीतिक करार दिया
मगर उन्होंने यह बिल भविष्य के लिए पास कराने का फैसला किया है। क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि वह हमेशा सरकार में रहेंगे। दूसरे दलों की सरकार के दौरान भ्रष्टाचार होने से रोकने के लिए बिल लाया गया है।
दूसरी ओर उन्होंने दावा किया कि बिल पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता के बिल को राजनीतिक करार देने के आरोप का भी करार जवाब देते हुए कहा कि बिल राजनीतिक है वह जनलोकपाल की राजनीति करते हैं।
उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकार कम करने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद शाखा के चलते भ्रष्टाचार में लिप्त कांग्रेसियों और उनसे जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया था।
इससे भाजपा को दिक्कत होनी शुरू हो गई और शाखा को पंगू बना दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेसी व भाजपाई मिले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी पहली सरकार के 49 दिन के शासन पर भी प्रकाश डालकर अपनी पीठ थपथपाई।