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फरीदाबादः सवा तीन साल बाद सुलझी कारोबारी के बेटे अंकित हत्याकांड की गुत्थी 

Wed, 02 Oct 2019 07:48 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद Published by: Avdhesh Kumar Updated Wed, 02 Oct 2019 07:48 PM IST
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Ankit murder case solved after three and quarter years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

सेक्टर-16ए में 8 जून 2016 को हुए मेहंदी व्यापारी प्रेमचंद अमर के पुत्र अंकित के बहुचर्चित हत्याकांड की गुत्थी को फरीदाबाद डीएलएफ क्राइम ब्रांच टीम ने सुलझा लिया है। इस हत्याकांड को सुलझाने में क्राइम ब्रांच को करीब सवा तीन साल लग गए।

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हत्याकांड को दिल्ली के शातिर गैंग शरद पांडे उर्फ काली ने अपने तीन अन्य साथी विजय फरमाना, दीपक उर्फ भांजा और अमित लांबा के साथ मिलकर अंजाम दिया था। अंकित की हत्या कार लूट का विरोध करने पर की गई थी।
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बुधवार को एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने पत्रकारों को बताया कि अंकित हत्याकांड के बाद परिजनों ने निकटतम परिजनों पर ही हत्या करने का शक जताया था। इस पर पुलिस लगातार करीबियों को खंगालती रही। बाद में सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को पता चला कि अंकित की हत्या के बाद बदमाश उसकी क्यू-7 ऑडी कार की चाबी ले गए थे। 
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सीसीटीवी में यह पूरी वारदात कैद हुई थी। इसमें अंकित जैसे ही अपने घर के बाहर कार खड़ी करके अंदर घुसा था, वैसे ही पीछे दूसरी कार से आए बदमाशों ने उससे चाबी छीन ली थी। इसी बीच अंकित के विरोध करने पर बदमाशों ने उसे गोली मार दी थी। एसीपी ने बताया कि पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि 29 मई 2016 को दिल्ली के साउथ एक्स इलाके में बदमाशों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता से क्यू-7 ऑडी कार लूटी थी। 

वह घटना भी सीसीटीवी में कैद हो गई थी। पुलिस ने दोनों फुटेज का मिलान किया तो बदमाशों का हाव-भाव दोनों ही घटनाओं में एक जैसे थे। इससे पुलिस नतीजे पर पहुंच गई थी कि इन दोनों ही वारदातों में एक ही गैंग का हाथ है।

क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार की टीम ने दोनों घटनाओं में समानता दिखने पर जांच आगे बढ़ाई। क्यू-7 ऑडी लूट के अन्य मामलों का अध्ययन कर सूरजकुंड क्षेत्र में 2018 में हुई एक हत्या में गिरफ्तार विजय फरमाना से पूछताछ शुरू की।


इसमें उत्तम नगर के विजय विहार के रहने वाले शरद पांडे गैंग का नाम सामने आया। वर्तमान में इसका परिवार लखनऊ के सुशांत गोल्फ लिंक में रह रहा है। क्राइम ब्रांच ने तिहाड़ से प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर शरद से पूछताछ की, तो उसने सब कुछ बता दिया। इस गैंग के खिलाफ लूट, हत्या, फिरौती के करीब दो दर्जन से अधिक मामले एनसीआर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

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