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आम्रपाली विलेज में झुलसे दो श्रमिकों की मौत
अमर उजाला, इंदिरापुरम
Updated Wed, 28 Oct 2015 12:46 AM IST
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आम्रपाली विलेज सोसायटी के फ्लैट संख्या 1003 में चल रही अवैध कपड़ा फैक्ट्री की आग में झुलसे तीन श्रमिकों में से दो की मंगलवार सुबह मौत हो गई।
दोनों को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। तीसरे युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने फ्लैट मालिक और फैक्ट्री संचालक महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
आम्रपाली विलेज की दसवीं मंजिल स्थित फ्लैट संख्या 1003 में चल रही अवैध कपड़ा फैक्ट्री में सोमवार शाम को सिलेंडर फटने से आग लग गई थी। आग में गोपाल (30) मनोज (40), शहनवाज (30) झुलस गए थे।
मंगलवार सुबह गोपाल और शहनवाज की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। एसचओ ने बताया कि फ्लैट मालिक अतुल आनंद और किराए पर फैक्ट्री चला रही महिला शर्मिता रॉय पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आ रहा है कि ड्राइंग रूम के हॉल में कर्मचारी कड़ाही रखकर उसमें पेट्रोलियम पदार्थ और केमिकल डालकर गर्म कर रहे थे। इस दौरान आग लगी।
नहीं है फायर एनओसी
एफएसओ के अनुसार जिस टावर में आग लगी वहां तो फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि बिल्डर ने 4 टावरों के लिए फायर एनओसी नहीं ली है।
गार्ड नहीं करते थे फैक्ट्री कर्मियों की एंट्री दर्ज
पुलिस और फायर ब्रिगेड की जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में काम करने वाले युवकों की सोसायटी में एंट्री रजिस्टर में दर्ज नहीं की जाती थी। पुलिस जांच कर रही थी कि गार्ड ऐसा क्यों करते थे।
गैस सिलेंडर में रिसाव से लगी आग, बची गृहिणी
ट्रॉनिका सिटी की शिव विहार-2 कालोनी में एक मकान में खाना बनाते वक्त सिलेंडर में रिसाव के चलते अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में ही आग पूरे घर में फैल गई।
गनीमत यह रही कि आग लगते ही तुरंत ग्रहणी घर से बाहर भाग गई। बाहर ही बच्चे भी खेल रहे थे। आग से घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया।
सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मकान की पहली मंजिल पर फैक्ट्री कर्मचारी वीरू श्रीवास्तव पत्नी ज्योति और तीन बच्चों के साथ रहता हैं।
शाम करीब छह बजे ज्योति ने खाना बनाने के लिए जैसे ही गैस जलाई, वैस ही सिलेंडर के रेगुलेटर में आग लग गई।
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दोनों को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। तीसरे युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने फ्लैट मालिक और फैक्ट्री संचालक महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
आम्रपाली विलेज की दसवीं मंजिल स्थित फ्लैट संख्या 1003 में चल रही अवैध कपड़ा फैक्ट्री में सोमवार शाम को सिलेंडर फटने से आग लग गई थी। आग में गोपाल (30) मनोज (40), शहनवाज (30) झुलस गए थे।
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मंगलवार सुबह गोपाल और शहनवाज की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। एसचओ ने बताया कि फ्लैट मालिक अतुल आनंद और किराए पर फैक्ट्री चला रही महिला शर्मिता रॉय पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आ रहा है कि ड्राइंग रूम के हॉल में कर्मचारी कड़ाही रखकर उसमें पेट्रोलियम पदार्थ और केमिकल डालकर गर्म कर रहे थे। इस दौरान आग लगी।
नहीं है फायर एनओसी
एफएसओ के अनुसार जिस टावर में आग लगी वहां तो फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि बिल्डर ने 4 टावरों के लिए फायर एनओसी नहीं ली है।
गार्ड नहीं करते थे फैक्ट्री कर्मियों की एंट्री दर्ज
पुलिस और फायर ब्रिगेड की जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में काम करने वाले युवकों की सोसायटी में एंट्री रजिस्टर में दर्ज नहीं की जाती थी। पुलिस जांच कर रही थी कि गार्ड ऐसा क्यों करते थे।
गैस सिलेंडर में रिसाव से लगी आग, बची गृहिणी
ट्रॉनिका सिटी की शिव विहार-2 कालोनी में एक मकान में खाना बनाते वक्त सिलेंडर में रिसाव के चलते अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में ही आग पूरे घर में फैल गई।
गनीमत यह रही कि आग लगते ही तुरंत ग्रहणी घर से बाहर भाग गई। बाहर ही बच्चे भी खेल रहे थे। आग से घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया।
सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मकान की पहली मंजिल पर फैक्ट्री कर्मचारी वीरू श्रीवास्तव पत्नी ज्योति और तीन बच्चों के साथ रहता हैं।
शाम करीब छह बजे ज्योति ने खाना बनाने के लिए जैसे ही गैस जलाई, वैस ही सिलेंडर के रेगुलेटर में आग लग गई।