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सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने कहा- हमें सर्दी की परवाह नहीं, कानून रद्द होने के बाद ही जाएंगे घर
Tue, 15 Dec 2020 05:32 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 15 Dec 2020 05:32 PM IST
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सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसान
- फोटो : amar ujala
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किसान आंदोलन को शुरू हुए 20 दिन हो चुके हैं। लेकिन किसानों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार अपनी बातों पर अड़ी हुई है। वहीं किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वो दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे।
सिंघु बॉर्डर पर अमर उजाला ने कुछ किसानों से बातचीत की। एक किसान ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि इन तीनों काले कानूनों को रद्द करें। कानूनों में संशोधन को लेकर किसानों ने कहा कि हमें संशोधन भी मंजूर नहीं है। हम चाहते हैं कि ये तीनों कानून वापस लिए जाएं। अगर ऐसा नहीं होता तो हम ऐसे ही डटे रहेंगे और शांतिपूर्ण धरना देंगे।
कुरूक्षेत्र, हरियाणा से आए एक किसान ने कहा कि हमें सर्दी की कोई परवाह नहीं है, चाहे दो साल लग जाएं, हम यहीं डटे रहेंगे। कानून रद्द होने के बाद ही घर जाएंगे। किसानों ने अपनी तरफ से साफ कर दिया है कि जब तक कानून रद्द नहीं हो जाते वो दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहेंगे।
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सिंघु बॉर्डर पर अमर उजाला ने कुछ किसानों से बातचीत की। एक किसान ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि इन तीनों काले कानूनों को रद्द करें। कानूनों में संशोधन को लेकर किसानों ने कहा कि हमें संशोधन भी मंजूर नहीं है। हम चाहते हैं कि ये तीनों कानून वापस लिए जाएं। अगर ऐसा नहीं होता तो हम ऐसे ही डटे रहेंगे और शांतिपूर्ण धरना देंगे।
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कुरूक्षेत्र, हरियाणा से आए एक किसान ने कहा कि हमें सर्दी की कोई परवाह नहीं है, चाहे दो साल लग जाएं, हम यहीं डटे रहेंगे। कानून रद्द होने के बाद ही घर जाएंगे। किसानों ने अपनी तरफ से साफ कर दिया है कि जब तक कानून रद्द नहीं हो जाते वो दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहेंगे।
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