अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स: लड़कों की पढ़ाई पर भी दें जोर, ताकि महिलाओं के प्रति बदल सकें अपनी सोच
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अपराजिता का अर्थ होता है कभी हार ना मानना। मैरी कॉम से बेहतर उदाहरण इसका कौन हो सकता है। शादी के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से वर्ल्ड चैंपियन बनीं। ये हमको सीख देता है कि शिद्दत के साथ कोई भी काम किया जाए तो कामयाबी जरूरी मिलती हैं। अमर उजाला के अभियान ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ के पोस्टर लांच के दौरान रेसलर सरिता मोर, रितु फोगाट और इंदु चौधरी ने ये बातें कहीं।
शुक्रवार को सर्फाबाद स्टेडियम में आई सरिता मोर ने कहा कि कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है। बस उसको करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। जरूरी नहीं कि हर बार कामयाबी मिले। मैं मैदान में हार-जीत की सोचकर कभी नहीं उतरती हूं। हमेशा ये सोचती हूं कि बेहतर प्रदर्शन करना है। असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
हर असफलता से कुछ सीखने को मिलता है। उसके बाद अगली बार हम उस काम को और बेहतर करने का प्रयास करते हैं, जिंदगी में हार कभी नहीं माननी चाहिए। अमर उजाला का ये प्रयास बहुत सराहनीय है। इससे महिलाओं को शक्ति मिलेगी। हम सभी को अमर उजाला के अभियान से जुड़ना चाहिए। शुरूआत में लड़कियों से पहलवानी नहीं करवाते थे। लेकिन अब हरियाणा के हर घर घर में लड़की पहलवान है। अमर उजाला के इस तरह के अभियान से महिलाओं को और मजबूती मिलेगी।
कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रितु फोगाट ने पोस्टर लांच के दौरान कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ बेटे पढ़ाओ का स्लोगन भी होना चाहिए। ताकि बेटे पढ़ें और उनकी महिलाओं के प्रति सोच बदल सके।
मेरी बड़ी बहन बबीता और गीता के समय लोग कहते थे कि लड़कियों से पहलवानी करवाओंगे, लेकिन पापा ने हार नहीं मानी। किसी की नहीं सुनी। इसका नतीजा है कि आज हम बहने इस स्थान पर हैं। हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। लड़कियों ने साबित कर दिया है कि वो किसी से कम नहीं हैं।
रेसलर इंदु चौधरी ने कहा कि लड़कियां बहुत मेहनती होती हैं। अगर उनको अपनों का साथ मिल जाए तो हर कठिनाई को पार कर सकती हैं। मैंने एक दिन में 3 किलो तक वजन कम किया है। हर रोज 7 से 8 घंटे तक प्रैक्टिस करती हूं।
इस दौरान कई डाइट को लेकर मन को मारना पड़ता है। लेकिन कामयाबी के आगे ये कुछ नहीं मायने रखता है। लड़कियों को कभी भी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। अमर उजाला का ये अभियान बहुत अच्छा है। मुझे इससे जुड़कर खुशी हुई है।