आधार नंबर को बैंक खाते या मोबाइल से लिंक कराने के लिए अगर बैंक या मोबाइल कंपनी से फोन आए तो जरा सावधान हो जाएं।
इस तरह लगाते हैं खाते में सेंध
31 मार्च तक आधार लिंक करने के नाम पर साइबर अपराधियों ने 4 दिन में दो घटनाओं में 92,000 रुपये उड़ा लिए। दरअसल, साइबर अपराधियों ने करीब एक साल से लोगों को फोन करके डेबिट कार्ड ब्लॉक होने की सूचना देकर उनके खाते से रुपये निकाल रहे हैं। इसके बाद धोखेबाजों ने लोगों के खाते को आधार नंबर से लिंक करने के नाम पर खाते से रुपये निकाल लिए और अब ठगों ने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने के नाम पर ही खातों में सेंध लगानी शुरू कर दी है।
केस-एक
प्रवीण कुमार नोएडा के सेक्टर-22 में रहते हैं। सोमवार को उनके पास एक मोबाइल कंपनी से फोन आया और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की बात कही। उसके आधार नंबर लेने के बाद उन्हीं के मोबाइल पर एक ओटीपी आया। ओटीपी मोबाइल कंपनी के कर्मचारी ने लिया और कुछ देर बाद पीड़ित के खाते से 35,000 रुपये निकल गए। मामले की शिकायत सेक्टर-24 कोतवाली में की गई है।
केस- दो
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर गांव निवासी अनिल कुमार के पास बृहस्पतिवार को मोबाइल को आधार से लिंक करने के लिए एक मोबाइल कंपनी से फोन आया। कंपनी के कर्मचारी ने उनका आधार नंबर लिया और अपने सिस्टम से उसे लिंक करने की बात कही। इसके चंद सेकेंड बाद अनिल के मोबाइल पर एक ओटीपी नंबर आया जिसे कंपनी कर्मी ने लिया और कहा कि अब उनका आधार कार्ड लिंक हो गया। इसके करीब 40 मिनट बाद अनिल के खाते से 57 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है।
पहले व्यक्ति से उसका आधार नंबर लिया जाता है और फिर उसे बदमाश अपने मोबाइल नंबर से लिंक करने लिए आवेदन करते हैं। इसके लिए पुराने मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है। यदि आवेदक ओटी पर नंबर डाल देता है तो उसका नंबर बदल दिया जाता है। जब खाते से आधार और मोबाइल लिंक हो जाता है तो उससे आसानी से रुपये ट्रांसफर कर लेता है।