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Terrorist Conspiracy: आतंकी साजिश में अलकायदा के 4 दोषी करार, मदरसे की आड़ में चलाता था टेररिस्ट गतिविधियां
Sat, 11 Feb 2023 09:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 11 Feb 2023 09:31 AM IST
सार
अदालत ने शुक्रवार को मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अब्दुल रहमान, जफर मसूद और अब्दुल सामी को यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने दो आरोपियों सैयद मोहम्मद जीशान अली और डॉ. सबील अहमद को बरी कर दिया है
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फाइल फोटो
- फोटो : istock
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विस्तार
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष जज संजय खानगवाल ने भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (एक्यूआईएस) के चार सदस्यों को देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने और एक्यूआईएस के लिए आतंकियों की भर्ती करने का दोषी करार दिया है। इनकी सजा पर 14 फरवरी को बहस होगी।
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूपीएपी) की धाराओं के तहत इन्हें अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अदालत ने शुक्रवार को मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अब्दुल रहमान, जफर मसूद और अब्दुल सामी को यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
कोर्ट ने दो आरोपियों सैयद मोहम्मद जीशान अली और डॉ. सबील अहमद को बरी कर दिया है और प्रत्येक को 10,000 रुपये के निजी बॉन्ड पर रिहा करने का निर्देश दिया है। इस मामले में छहों के खिलाफ 2017 में आरोप तय किए गए थे और एक सैयद अंजार शाह को आरोपमुक्त कर दिया गया था।
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मदरसे की आड़ में चलाता था आतंकी गतिविधियां
रहमान उत्तर प्रदेश में मदरसा चलाता था और उसी की आड़ में युवाओं को कट्टर बनाने के साथ ही अलकायदा के लिए भर्ती भी करता था। मसूद युवाओं के बीच आतंकी गुट के एजेंडा का प्रचार करता था, ताकि उन्हें अल कायदा में भर्ती किया जा सके। रहमान को ओडिशा के कटक जिले से गिरफ्तार किया गया था।
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गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूपीएपी) की धाराओं के तहत इन्हें अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अदालत ने शुक्रवार को मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अब्दुल रहमान, जफर मसूद और अब्दुल सामी को यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
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कोर्ट ने दो आरोपियों सैयद मोहम्मद जीशान अली और डॉ. सबील अहमद को बरी कर दिया है और प्रत्येक को 10,000 रुपये के निजी बॉन्ड पर रिहा करने का निर्देश दिया है। इस मामले में छहों के खिलाफ 2017 में आरोप तय किए गए थे और एक सैयद अंजार शाह को आरोपमुक्त कर दिया गया था।
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मदरसे की आड़ में चलाता था आतंकी गतिविधियां
रहमान उत्तर प्रदेश में मदरसा चलाता था और उसी की आड़ में युवाओं को कट्टर बनाने के साथ ही अलकायदा के लिए भर्ती भी करता था। मसूद युवाओं के बीच आतंकी गुट के एजेंडा का प्रचार करता था, ताकि उन्हें अल कायदा में भर्ती किया जा सके। रहमान को ओडिशा के कटक जिले से गिरफ्तार किया गया था।
रहमान के पाकिस्तान और पश्चिम एशिया में सक्रिय आतंकियों के साथ भी संपर्क होने का संदेह था। वह पाकिस्तान भी गया था जहां उसकी मुलाकात जकी-उर-रहमान लखवी और साजिद से हुई थी, दोनों मुंबई आतंकी हमले के आरोपी हैं।
आसिफ मुख्य सरगना
आसिफ को 14 दिसंबर, 2015 को दिल्ली के सीलमपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह संभल जिले के दीप सराय का रहने वाला है। वह आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए ईरान और तुर्किये भी गया था। आसिफ भारत में एक्यूआईएस का प्रमुख है। उसी की निशानदेही पर मसूद उर्फ गुड्डू को संभल से पकड़ा था। अब्दुल सामी को हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया गया था। वह झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है।
आसिफ मुख्य सरगना
आसिफ को 14 दिसंबर, 2015 को दिल्ली के सीलमपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह संभल जिले के दीप सराय का रहने वाला है। वह आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए ईरान और तुर्किये भी गया था। आसिफ भारत में एक्यूआईएस का प्रमुख है। उसी की निशानदेही पर मसूद उर्फ गुड्डू को संभल से पकड़ा था। अब्दुल सामी को हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया गया था। वह झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है।