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महाकुंभ का जिक्र कर अखिलेश यादव बोले: 'मार्केटिंग का जमाना है... तभी किसी ने 144 साल का प्रमाण नहीं मांगा'

Fri, 07 Feb 2025 01:38 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 07 Feb 2025 01:38 PM IST
सार

अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना ने भाजपा की पोल खोल दी है। दिन भर यह दावा करने वाले कि भारत का डंका विश्व में बज रहा है और भारत विश्व गुरू बनने वाला है, अब चुप घुम रहे हैं।

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Akhilesh Yadav said on Mahakumbh Era of marketing that s why no one asked for proof of 144
अखिलेश यादव - फोटो : पीटीआई

विस्तार

महाकुंभ की कोई परिभाषा नहीं है। जमाना मार्केटिंग का है और यही वजह है कि किसी ने 144 साल का प्रमाण तक नहीं मांगा। ऐसा ही 144 साल का चुनाव हमने मिल्कीपुर में देखा। भाजपा ने बगल के जिलों से कार्यकर्ता बुलवाए और पीठासीन अधिकारियों तक की रिकार्डिंग सामने है। यह बातें शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में एक निजी समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहीं।

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सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के आवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्कीपुर में बीएलओ से लेकर थाने तक की पोस्टिंग योजना के अनुसार की गई थी। उन्होंने कहा कि मैंने जो चुनाव आयोग मर गया है कहा है, उसकी जांच करनी चाहिए। मृतकों तक के वोट डलवाए गए हैं और अगर जांच में यह सच्चाई सामने आए तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इंडिया गठबंधन के सवाल पर कहा कि यह इंडिया के अंदर का मामला है और इसे मिलकर सुलझा लेंगे।

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वर्ष 2027 में इंडिया गठबंधन के सवाल पर कहा कि पीडीए चलेगा। पूर्व सीएम ने कहा कि पीडीए के लोग देख रहे हैं कि उनका कैसे अपमान किया जा रहा है। अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन के सवाल पर कहा कि इस घटना ने भाजपा की पोल खोल दी है। दिन भर यह दावा करने वाले कि भारत का डंका विश्व में बज रहा है और भारत विश्व गुरू बनने वाला है, अब चुप घुम रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अपना पूरा बाजार अमेरिका को सौंप दिया है।

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इसके बावजूद भी वह इतना कमजोर कैसे हो सकता है। अमेरिका से कमजोर देश ने सेना द्वारा लाए गए अपने निर्वासितों को स्वीकार करने से मना किया तो अमेरिका को झुकना पड़ा। कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब वाले 50 लाख रुपये देकर गए थे, मगर गुजरात वालों ने एक करोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इनका पैसा वापस दिलाने के साथ ही इन्हें रोजगार देना चाहिए।

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