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दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उठाई मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे की मांग
Mon, 09 Sep 2019 07:56 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Mon, 09 Sep 2019 07:56 PM IST
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मनजिंदर सिंह सिरसा
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कमेटी का कहना है कि सिख दंगा मामले में दोबारा एसआईटी की विशेष जांच होने वाली है। कमलनाथ के खिलाफ भी दोबारा जांच की फाईलें खुलेंगी। ऐसे में उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए क्योंकि वह गवाहों पर दबाव बना सकते हैं।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व महासचिव हरमीत सिंह कालका ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एसआईटी ने पार्लियमेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में दर्ज केस को दोबारा जांच के लिए खोल दिया है। यह मामला 1984 में गुरुद्वारा साहिब में दंगों से सबंधित है।
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सिरसा ने बताया कि इस मामले में दो गवाह हैं। इनमें से एक मुखतार सिंह हैं और दूसरे पूर्व पत्रकार हैं जिन्होंने नानावटी कमिशन के सामने बयान दर्ज कराया है। बयान में 1984 सिख दंगों में कमलनाथ व वसंत साठे की भूमिका के बारे में बताया गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला कुछ कारणों से बंद कर दिया गया था और कमलनाथ का नाम जानबुझ कर बाहर रखा गया था।
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इस मामले में सोनिया गांधी व राहुल गांधी से कमलनाथ से मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा लेने की मांग की जा रही है। मांग करने वालों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं और गवाहों को धमका सकते हैं। दोनों गवाहों को तुरंत सुरक्षा देने की भी मांग की गई है।