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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए होगी कृत्रिम वर्षा, आईआईटी करेगा सहयोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 21 Nov 2018 07:11 AM IST
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एनसीआर की हवा बेहद खराब
- फोटो : ani
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दिल्ली समेत एनसीआर की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रभावी और बेहद महीन प्रदूषण कण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 का स्तर पांच गुना ज्यादा (इमरजेंसी स्तर) यानी 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को पार कर गया है।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आईआईटी दिल्ली के सहयोग से फौरी राहत के लिए राष्ट्रीय राजधानी में कृत्रिम वर्षा पर विचार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कृत्रिम वर्षा के लिए एक निश्चित मौसम का हमारे पक्ष में होना जरूरी है, जबकि इस वक्त ऐसा नहीं है।
दिल्ली व आसपास के शहरों की वायु गुणवत्ता मंगलवार को भी बहुत खराब श्रेणी में ही दर्ज की गई। सर्वाधिक प्रदूषित गाजियाबाद रहा। जारी हेल्थ एडवाइजरी में कहा गया है कि सुबह बहुत जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद फील्ड संबंधी गतिविधियों से बचाव करें।
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केंद्रीय एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 में पराली की हिस्सेदारी में कमी जारी है। मंगलवार को यह 4 फीसदी पर पहुंच गई।
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वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आईआईटी दिल्ली के सहयोग से फौरी राहत के लिए राष्ट्रीय राजधानी में कृत्रिम वर्षा पर विचार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कृत्रिम वर्षा के लिए एक निश्चित मौसम का हमारे पक्ष में होना जरूरी है, जबकि इस वक्त ऐसा नहीं है।
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दिल्ली व आसपास के शहरों की वायु गुणवत्ता मंगलवार को भी बहुत खराब श्रेणी में ही दर्ज की गई। सर्वाधिक प्रदूषित गाजियाबाद रहा। जारी हेल्थ एडवाइजरी में कहा गया है कि सुबह बहुत जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद फील्ड संबंधी गतिविधियों से बचाव करें।
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केंद्रीय एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 में पराली की हिस्सेदारी में कमी जारी है। मंगलवार को यह 4 फीसदी पर पहुंच गई।
सर्वाधिक प्रदूषित रहा गाजियाबाद
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार की शाम चार बजे तक रिकॉर्ड की गई दिल्ली की 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 373 यानी बहुत खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई।
सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 330 रिकॉर्ड किया गया था, जबकि शनिवार को एक्यूआई 267 रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, यूपी में गाजियाबाद मंगलवार को सर्वाधिक प्रदूषित रहा।
गाजियाबाद का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के बेहद करीब 396 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह नोएडा, ग्रेटर नोएडा व हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा की गुणवत्ता भी बहुत खराब श्रेणी वाले एक्यूआई में रही।
सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 330 रिकॉर्ड किया गया था, जबकि शनिवार को एक्यूआई 267 रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, यूपी में गाजियाबाद मंगलवार को सर्वाधिक प्रदूषित रहा।
गाजियाबाद का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के बेहद करीब 396 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह नोएडा, ग्रेटर नोएडा व हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा की गुणवत्ता भी बहुत खराब श्रेणी वाले एक्यूआई में रही।
पीएम 2.5 और 10 का स्तर फिर से बढ़त की ओर
सीपीसीबी की ओर से पर्टिकुलेट मैटर पर निगरानी रखने वाले केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और 10 का स्तर फिर से बढ़त की ओर है।
मंगलवार रात आठ बजे बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से पांच गुना ज्यादा 304 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि सोमवार को यह दोगुना अधिक रिकॉर्ड किया गया था।
पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी करीब चार गुना ज्यादा 362 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।
मंगलवार रात आठ बजे बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से पांच गुना ज्यादा 304 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि सोमवार को यह दोगुना अधिक रिकॉर्ड किया गया था।
पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी करीब चार गुना ज्यादा 362 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।
दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई स्थिति
20 नवंबर 19 नवंबर
दिल्ली 373 330
फरीदाबाद 380 323
गुरुग्राम 302 280
गाजियाबाद 396 364
नोएडा 386 348
ग्रेटर नोएडा 377 346
नोट : सीपीसीबी के मुताबिक, 201 से 300 का एक्यूआई स्तर खराब और 301 से 400 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब और 401 से अधिक एक्यूआई गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से श्वास संबंधी व अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
20 नवंबर 19 नवंबर
दिल्ली 373 330
फरीदाबाद 380 323
गुरुग्राम 302 280
गाजियाबाद 396 364
नोएडा 386 348
ग्रेटर नोएडा 377 346
नोट : सीपीसीबी के मुताबिक, 201 से 300 का एक्यूआई स्तर खराब और 301 से 400 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब और 401 से अधिक एक्यूआई गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से श्वास संबंधी व अन्य बीमारियां हो सकती हैं।