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दिल्ली में धूल प्रदूषण: निर्माण एजेंसियों को 15 दिन में करने होंगे रोकथाम के उपाय, वरना लग सकता है प्रतिबंध

Fri, 17 Sep 2021 06:33 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 17 Sep 2021 06:33 PM IST
सार

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि निजी निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर धूल प्रदूषण रोकने के लिए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां 15 दिनों के अंदर धूल से पैदा होने वाले प्रदूषण के पर्याप्त उपाय करें। ऐसा न करने पर निर्माण एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है...

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Air pollution in Delhi: Construction agencies will have to take preventive measures in 15 days, otherwise could be face ban
एंटी स्मॉग गन - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

निर्माण कार्यों से पैदा होने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण होती है। इसके कारण अक्तूबर-नवंबर माह के बीच राजधानी में होने वाले प्रदूषण की गंभीरता बढ़ जाती है। इस कारण हर साल इस दौरान सरकार निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा देती है जिससे बढ़ते प्रदूषण को कम किया जा सके। दिल्ली सरकार ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां 15 दिनों के अंदर धूल से पैदा होने वाले प्रदूषण के पर्याप्त उपाय करें। ऐसा न करने पर निर्माण एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि निजी निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर धूल प्रदूषण रोकने के लिए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब निर्माण एजेंसियों को अपने निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर यह पता लगाना चाहिए कि इन दिशा निर्देशों का कितना गंभीरता के साथ पालन किया जा रहा है।

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प्राइवेट निर्माण एजेंसियों के लिए जारी 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश-

  • निर्माण स्थल के चारों तरफ उचित ऊंचाई पर टीन की दीवार खड़ी करनी होगी। निर्माण स्थल चारों तरफ से ढका होना चाहिए।
  • 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण या ध्वस्तीकरण का कार्य हो रहा हो, वहां पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा।
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  • निर्माण क्षेत्र को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य होगा।
  • निर्माण सामग्री को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सफाई करना अनिवार्य होगा।
  • निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों को पूरी तरह से ढकना होगा। इस बात का ध्यान रखना होगा कि रास्ते में वह न गिरे।
  • निर्माण अवशिष्ट को चिन्हित या आवंटित क्षेत्र के अंदर ही संग्रहित करना होगा। निर्माण कचरे को सड़क के किनारे भंडारण करने पर प्रतिबंध रहेगा।
  • अपशिष्ट, मिट्टी या बालू को बिना ढके नहीं रखा जाएगा।
  • पत्थरों की कटिंग या ग्राइडिंग खुले में नहीं होनी चाहिए।
  • निर्माण स्थल पर धूल से बचाव के लिए लगातार पानी का छिड़काव करना होगा।
  • 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थल पर जाने के लिए सड़क पक्की हो या ब्लैकडाक्स की बनाई जाए, जिससे कि वहां पर सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोका जा सके।
  • निर्माण या ध्वस्तीकरण कचरे का चिन्हित साइट पर ही निस्तारण किया जाए। इसका रिकार्ड भी रखा जाए जिससे यह रिकार्ड में रहे कि निर्माण साइट से निकला कूड़ा कहां गया।
  • निर्माण स्थल पर लोडिंग अनलोडिंग में जितने कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें डस्ट मास्क देना अनिवार्य है।
  • निर्माण स्थल पर श्रमिकों की चिकित्सा की उचित व्यवस्था की जाए।
  • निर्माण स्थल पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का एक सार्वजनिक बोर्ड लगाना होगा।
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