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Delhi AIIMS: पीएमआर विभाग का होगा विस्तार, बढ़ेंगे सेंटर; मरीजों को एक जगह पर पुनर्वास की सभी सुविधाएं मिलेंगी
Tue, 08 Jul 2025 06:27 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 08 Jul 2025 06:27 AM IST
सार
एम्स की प्रोफेसर डॉ. गीता हांडा ठुकराल ने कहा कि विभाग के लिए नए सेंटर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी मदद से मरीजों को एक जगह पर पुनर्वास की सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।
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Delhi AIIMS
- फोटो : ANI
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विस्तार
एम्स के भौतिक चिकित्सा और पुनर्वास (पीएमआर) विभाग में इलाज करवाने आ रहे मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इसकी मदद से सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
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मौजूद समय में मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण सुविधाओं का अभाव रह जाता है। एम्स की प्रोफेसर डॉ. गीता हांडा ठुकराल ने कहा कि विभाग के लिए नए सेंटर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी मदद से मरीजों को एक जगह पर पुनर्वास की सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।
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विभाग में सबसे ज्यादा मरीज स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के आते हैं। इनमें अधिकतर मरीजों की रीढ़ की हड्डी में चोट ऊंचाई से गिरकर लगती है। इसमें रीढ़ की हड्डी को नुकसान होता है, जिसके कारण गतिशीलता और संवेदनशीलता में कमी हो सकती है।
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एम्स के विभाग में हर सप्ताह 15-20 मरीज स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के साथ आते हैं। इन मरीजों को पहले खुद के काम करने के लायक बनाया जाता है। इस दौरान बची हुईं मांसपेशियों को बेहतर करने व उन्हें मजबूत करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही मरीज को खुद के कपड़े पहनने व दूसरे काम करने के लायक बनाया जाता है। ऐसा करने से तीमारदार की समस्याएं भी कम हो जाती हैं। इस कोशिश से मरीज दूसरे पर निर्भर होने से बच जाता है।
युवा वर्ग होते हैं ज्यादा घायल
एम्स में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के सबसे ज्यादा मरीज 20 से 40 साल के युवा होते हैं। इनमें ज्यादातर मरीज ऊंचाई या पेड़ से गिरकर घायल होते हैं।