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Delhi NCR News: पिटबुल हमले के बाद पेटा इंडिया ने विदेशी खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर बैन की मांग दोहराई
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संगठन ने कहा- इन नस्लों को लड़ाई और हमलों के लिए पाला जाता है, सरकार तुरंत रोक लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली में पिटबुल के हमले में छह साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल होने के बाद पेटा इंडिया ने विदेशी खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई है। संगठन ने दिल्ली सरकार, चीफ सेक्रेटरी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखकर पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर, पाकिस्तानी बुली, डोगो अर्जेंटीनो, प्रेसा कैनारियो, केन कोर्सो, बुल टेरियर और एक्सएल बुली जैसी नस्लों पर रोक लगाने की मांग की।
पेटा इंडिया का कहना है कि इन कुत्तों को अक्सर लड़ाई और हमलों के लिए पाला जाता है और इन्हें ऐसे लोगों को बेच दिया जाता है, जो इन्हें संभाल नहीं पाते। संगठन ने पेट शॉप नियम 2018 और डॉग ब्रीडिंग व मार्केटिंग नियम 2017 को सख्ती से लागू करने, तथा बिना लाइसेंस वाली ब्रीडिंग पर रोक लगाने की भी मांग की।
पॉलिसी एसोसिएट शौर्य अग्रवाल ने कहा कि पिटबुल और लड़ाकू नस्लों को कई बार हिंसक ट्रेनिंग दी जाती है। दिल्ली में हाल के वर्षों में ऐसे कई हमले हुए हैं। अक्तूबर 2024 में पिटबुल ने 22 वर्षीय युवक का कान काट लिया था।
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संगठन ने सरकार से एमसीडी और एनडीएमसी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देने और लोगों से कम्युनिटी डॉग्स को गोद लेने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली में पिटबुल के हमले में छह साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल होने के बाद पेटा इंडिया ने विदेशी खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई है। संगठन ने दिल्ली सरकार, चीफ सेक्रेटरी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखकर पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर, पाकिस्तानी बुली, डोगो अर्जेंटीनो, प्रेसा कैनारियो, केन कोर्सो, बुल टेरियर और एक्सएल बुली जैसी नस्लों पर रोक लगाने की मांग की।
पेटा इंडिया का कहना है कि इन कुत्तों को अक्सर लड़ाई और हमलों के लिए पाला जाता है और इन्हें ऐसे लोगों को बेच दिया जाता है, जो इन्हें संभाल नहीं पाते। संगठन ने पेट शॉप नियम 2018 और डॉग ब्रीडिंग व मार्केटिंग नियम 2017 को सख्ती से लागू करने, तथा बिना लाइसेंस वाली ब्रीडिंग पर रोक लगाने की भी मांग की।
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पॉलिसी एसोसिएट शौर्य अग्रवाल ने कहा कि पिटबुल और लड़ाकू नस्लों को कई बार हिंसक ट्रेनिंग दी जाती है। दिल्ली में हाल के वर्षों में ऐसे कई हमले हुए हैं। अक्तूबर 2024 में पिटबुल ने 22 वर्षीय युवक का कान काट लिया था।
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संगठन ने सरकार से एमसीडी और एनडीएमसी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देने और लोगों से कम्युनिटी डॉग्स को गोद लेने की अपील की है।