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जामिया की आग की आंच डीयू पहुंची, कई विद्यार्थियों की परीक्षा छूटी
Tue, 17 Dec 2019 06:31 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 17 Dec 2019 06:31 AM IST
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डीयू के नॉर्थ कैंपस में आइसा का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आग की आंच दिल्ली विश्वविद्यालय तक पहुंच गई। जामिया छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आइसा समेत अन्य वामपंथी संगठनों ने सोमवार को परीक्षा न देने की कॉल दी थी। इसी के तहत नॉर्थ कैंपस के सोशल साइंस भवन के बाहर वामपंथी छात्र विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों और एबीवीपी के सदस्यों में इसको लेकर झड़प हो गई और कई छात्रों की परीक्षा छूट गई। इस मुद्दे पर एबीवीपी ने आइसा पर परीक्षा रोकने और आइसा ने एबीवीपी पर लाठी बरसाने का आरोप लगाया है।
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जामिया कैंपस में पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आइसा, एनएसयूआई समेत 15 छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय हड़ताल की कॉल दी थी। जामिया में सेमेस्टर परीक्षा स्थगित और जेएनयू में छात्रों ने बहिष्कार कर रखा है। एकमात्र डीयू में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही थीं, इसलिए वामपंथी छात्र संगठनों ने डीयू में परीक्षा का बहिष्कार करने की योजना बनाई थी।
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नॉर्थ कैंपस स्थित सोशल साइंस भवन में डीयू से मान्यता प्राप्त विभिन्न कॉलेजों की पॉलिटिकल साइंस में पीजी प्रोग्राम की परीक्षा थी। सुबह सोशल भवन के मुख्य गेट पर आइसा के सदस्य सेमेस्टर परीक्षा विरोध में धरना देने बैठ गए। इससे पहले सोशल मीडिया पर परीक्षा स्थगित की भ्रामक जानकारी फैलाई जा चुकी थी। इससे भी छात्र परेशान थे कि परीक्षा होगी या नहीं? हालांकि सोमवार सुबह कई विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सदस्यों ने बीचबचाव करते हुए मामला सुलझाया।
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छात्रों ने डुसू अध्यक्ष से मांगी मदद: आशुतोष सिंह
एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश पदाधिकारी आशुतोष सिंह का आरोप है कि छात्रों को परीक्षा भवन के अंदर जाने से रोका गया था। छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष अक्षित दहिया को फोन करके मदद मांगी थी। इसीलिए डुसू सदस्य मदद करने पहुंचे थे। सदस्यों ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे शांति से अपना प्रदर्शन करें, लेकिन किसी छात्र को परीक्षा देने से न रोके। इससे अधिक कोई बात नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों से एबीवीपी ने कोई मारपीट नहीं की है।
-एबीवीपी ने पुलिस के सामने छात्रों को पीटा: कबल
डीयू छात्रा व आइसा पदाधिकारी कबल का कहना है कि अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। हमने किसी छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका। उल्टा एबीवीपी ने शांति से प्रदर्शन कर रहे आइसा सदस्यों के के अलावा आम छात्रों से मारपीट की है। करीब डेढ़ सौ छात्रों को जबरदस्ती पुलिस की मदद से सिविल लाइन मेट्रो स्टेशन के पास छोड़ा गया। पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही।
परीक्षा से चूकने वालों को जनवरी में मिले मौका : शिक्षक संगठन
डीयू के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डीन को पत्र लिखकर जामिया के चलते परीक्षा से चूकने वाले छात्रों को जनवरी में परीक्षा देने की मांग की है। संत स्टीफन कॉलेज की शिक्षिका व डूटा की पूर्व पदाधिकारी प्रो. नंदिता नारायण के मुताबिक, हमने डीयू के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल, विभाग प्रमुख व डीन फैकल्टी को पत्र लिखा है। जामिया इलाके में विरोध के चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी प्रभावित हुआ है। बहुत से छात्रों की इस वजह से परीक्षा छूट गई है। इसलिए जनवरी में उन्हें दोबारा सेमेस्टर परीक्षा देने का मौका दिया जाना चाहिए।