126 करोड़ का जमीन घोटाला: पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता से पूछताछ जारी, जांच में 3 और नाम शामिल
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मथुरा में 126 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में दो तहसीलदार रणवीर सिंह व चमन सिंह और ओएसडी वीपी सिंह का नाम भी सामने आया है। बुधवार को पीसी गुप्ता से पूछताछ के बाद तीनों के नाम एफआईआर में शामिल कर लिए गए। फिलहाल, तीनों सरकारी नौकरी में है। वहीं, पुलिस ने यमुना प्राधिकरण से जमीन का नक्शा और बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के कागजात मांगे हैं।
यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान से बाहर जाकर मथुरा में 126 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई थी। घोटाला सामने आने के बाद प्राधिकरण ने कासना कोतवाली में पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता और 21 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। पिछले सप्ताह पुलिस ने मध्य प्रदेश के दतिया से पीसी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें दस दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ से लौटने के बाद बुधवार को भी सीओ प्रथम अमित किशोर श्रीवास्तव ने पीसी गुप्ता से पूछताछ की। पूछताछ करीब तीन घंटे तक चली। पूछताछ में अलीगढ़ में तैनात तहसीलदार रणवीर सिंह व यीडा के तहसीलदार चमन सिंह और मुरादाबाद के ओएसडी वीपी सिंह के नाम सामने आने पर जांच रिपोर्ट में तीनों के नाम शामिल कर लिए गए हैं। वहीं, पुलिस जल्द ही दस से 12 अन्य लोगों के नाम भी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी। दोनों तहसीलदार व ओएसडी अभी भी सरकारी नौकरी पर हैं। तीनों गायब है। पुलिस इनके खिलाफ भी केस डायरी व चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल करेगी।
घोटाले वाली जमीन देखने जाएगी पुलिस
जिस जमीन के घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई हो रही है। पुलिस उस जमीन को देखने मौके पर जाएगी। इसके लिए पुलिस ने यमुना प्राधिकरण से जमीन का नक्शा मांगा है। साथ ही जमीन खरीदने का फैसला जिस बोर्ड बैठक में लिया गया था, उसके भी कागजात मांगे है। जमीन का भौतिक सत्यापन करने के दौरान पुलिस पीसी गुप्ता को भी साथ ले जाएगी।
फरार आरोपियों की तलाश तेज की
पीसी गुप्ता के अलावा 21 अन्य आरोपियों की तलाश भी पुलिस ने तेज कर दी है। सभी के मोबाइल बंद आ रहे हैं। अपने पते पर भी कोई नहीं है। पुलिस सर्विलांस की टीम की मदद से आरोपियों को तलाश करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की सात टीमें जगह-जगह दबिश भी दे रही है।
रजिस्ट्री में गवाही देने वालों पर कसेगी नकेल
घोटाले में जमीन की रजिस्ट्री में जिन लोगों ने गवाही दी थी, उन पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस ने गवाही देने वालों की रिपोर्ट तैयार कर रही है। यहीं नहीं, घोटाले की रकम जिन खातों में गई थी, उनकी भी जांच की जा रही है। उनके नाम भी जांच रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे। ऐसे करीब 12 लोगों के नाम सामने आए हैं।
लुक्सर नहीं मेरठ जेल में रहेंगे पीसी गुप्ता
पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता को मेरठ जेल में रखा जाएगा। हालांकि, दस दिन की रिमांड पर आने से पहले पीसी गुप्ता मेरठ जेल में जा चुके थे। रिमांड समाप्त होने के बाद पुलिस पीसी गुप्ता को मेरठ जेल ही ले जाएगी।
सीओ प्रथम ग्रेटर नोएडा, अमित किशोर श्रीवास्तव ने कहा कि जमीन घोटाले की जांच चल रही है। जांच के दौरान दो तहसीलदार व एक ओएसडी का नाम सामने आया है। जांच में इनके नाम भी शामिल कर लिए गए हैं। फरार सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।