फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   After Doctor Harshvardhan Singh moves in centre now start discussing on future CM face in delhi

डॉक्टर साहब के केंद्र में जाते ही अब भावी सीएम चेहरे पर चर्चा शुरू

Fri, 31 May 2019 06:06 AM IST
राजेश सैनी परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Fri, 31 May 2019 06:06 AM IST
सार

- आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा चेहरा माने जा रहे थे डॉ. हर्षवर्धन

विज्ञापन
After Doctor Harshvardhan Singh moves in centre now start discussing on future CM face in delhi
डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो)

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दिल्ली के डॉक्टर साहब पर भरोसा जताया है। चार बार के विधायक और दूसरी बार सांसद बने चांदनी चौक से डॉ. हर्षवर्धन मोदी सरकार-2 में भी कैबिनेट के रूप में शामिल हुए हैं। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में उनके शपथ लेते ही दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो चुकी हैं। दिल्ली में डॉ. हर्षवर्धन को भाजपा में एक वरिष्ठ और मजबूत चेहरा माना जाता है। इसलिए विधानसभा चुनाव में डॉ. हर्षवर्धन का नाम बतौर भावी मुख्यमंत्री की दावेदारी के लिए भी आता रहा है, लेकिन मोदी सरकार के कैबिनेट में लगातार दूसरी बार मौका मिलने के बाद इन चर्चाओं का रुख अब दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी के ईदगिर्द घूमने लगा है। 

विज्ञापन


इससे पहले चर्चा थी कि दिल्ली के करीब दो सांसदों को इस बार मोदी कैबिनेट में जाने का मौका मिल सकता है, लेकिन राष्ट्रपति भवन में जब एक-एक करके दिल्ली के सातों सांसद पहुंचने लगे तो सिर्फ डॉ. हर्षवर्धन को ही मंच पर आने का मौका मिला।  उनके पांच वर्ष के कार्यकाल को लेकर पार्टी हाईकमान भी संतुष्ट है। जिसका परिणाम है कि उन्हें दोबारा मंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ। 
विज्ञापन


आगामी चुनाव में अब इनके नाम की चर्चा
डॉॅ. हर्षवर्धन के शपथ ग्रहण करते ही ही दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के अलावा पश्चिमी दिल्ली से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले सांसद प्रवेश सिंह वर्मा, विजय गोयल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के नाम सामने आ रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हर नाम के पीछे अलग है कहानी
इन सब में मनोज तिवारी के नाम को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि पहले नगर निगम और अब लोकसभा चुनाव में भाजपा का सबसे बेहतर प्रदर्शन इनके नेतृत्व में हुआ है। इसलिए कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनोज तिवारी के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव होने से भाजपा का 22 साल का वनवास खत्म हो सकेगा। लोकसभा चुनाव में स्टार प्रचारक की भूमिका निभा चुके मनोज तिवारी पीएम मोदी और अमित शाह के काफी भरोसेमंद माने जाते हैं। सूत्रों की मानें तो अंदरखाने प्रवेश सिंह वर्मा का नाम उनकी ऐतिहासिक जीत के बाद से आने लगा है। हालांकि प्रवेश वर्मा ने कभी खुले मंच पर आकर दिल्ली की कुर्सी को लेकर इच्छा नहीं जताई है, लेकिन कहा जा रहा है कि पार्टी हाईकमान के सामने उनके नाम का कई बार जिक्र हुआ है। 
 
दिल्ली में सक्रिय रहने का मिल सकता है इनाम
केंद्रीय मंत्री रहे विजय गोयल भी दिल्ली में भाजपा का नेतृत्व कर चुके हैं। हालांकि इस बार उन्हें कैबिनेट में स्थान नहीं मिला है। इसे लेकर भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री की दावेदारों की दौड़ में उन्हें शामिल कर रहे हैं। हालांकि विजय गोयल दिल्ली में खासा सक्रिय नेता भी हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए खूब प्रचार प्रसार किया था। इनके अलावा विजेंद्र गुप्ता की बात की जाए तो विपक्ष में रहते हुए दिल्ली सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा रखते हैं। बिजली, पानी से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा तक के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को उन्होंने कटघरे में कई बार खड़ा किया है। रोहिणी से भाजपा के चुनिंदा विधायकों में से एक विजेंद्र गुप्ता जमीनी नेता के रूप में जाने भी जाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed