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दिल्ली चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा में संगठन मजबूत करने की कवायद
Fri, 21 Feb 2020 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 21 Feb 2020 05:49 AM IST
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा अब संगठन मजबूत करने की कवायद में जुट गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से नये अध्यक्ष पद के लिए भी लॉबिंग तेज हो गई है। कई नेता इस पद के लिए अपनी जुगत लगा रहे हैं। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व फिलहाल वर्तमान अध्यक्ष मनोज तिवारी को हटाने के मूड में नहीं दिख रहा है।
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चुनाव परिणाम के बाद मनोज तिवारी ने भी साफ कर दिया था कि न तो उन्हें केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से पद छोड़ने के लिए कहा गया है और न ही उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है।
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राजनीतिक विश्लेषक इसके कई मायने निकाल रहे हैं। सूत्रों का कहना है दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रदेश के अलावा केंद्रीय नेतृत्व भी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरी थी। ऐसे में सिर्फ प्रदेश नेतृत्व पर हार का ठीकरा नहीं फोड़ा जा सकता। तिवारी के नेतृत्व में भाजपा ने एमसीडी और लोकसभा चुनाव में जीत का परचम फहराया था।
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भाजपा सूत्रों के अनुसार मनोज तिवारी अपनी टीम में फेरबदल कर दूसरी पारी शुरू कर सकते है। दरअसल तिवारी को अगर प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाता है तो उन्हें दूसरी बड़ी जिम्मेदारी देनी होगी। क्योंकि वे पार्टी के स्टार प्रचारक है और दिल्ली में पूर्वांचली चेहरा भी हैं।
हालांकि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चल रहे मंथन के बाद ही पार्टी यह तय करेगी कि दिल्ली का कमान किसे सौंपा जाए। एमसीडी चुनाव में अभी दो साल बचा है।