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‘हरियाणा हठ’ से दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला तय, कांग्रेस ने सातों सीटों पर उतारे प्रत्याशी
Tue, 23 Apr 2019 12:51 AM IST
Vikas Kumar
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 23 Apr 2019 12:51 AM IST
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कांग्रेस, आप
- फोटो : फाइल फोटो
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‘हरियाणा हठ’ के चलते गठबंधन की संभावनाएं खत्म होने के बाद कांग्रेस ने सातों सीटों पर ताल ठोक दी है। ऐसे में दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला होना तय हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर कांग्रेस के प्रदर्शन पर रहेगी। यदि कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया तो आप का गणित बिगाड़ सकती है।
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पिछले लोकसभा चुनावों में दिल्ली पर राज करने वाली कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी। देखा जाए तो कांग्रेस मुकाबले में कहीं नजर ही नहीं आई, लेकिन वर्तमान में परिस्थितियां बदल गई हैं। अब कांग्रेस धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही है। यदि दिल्ली में एमसीडी चुनाव व दो विधानसभा के उप चुनाव पर नजर डाले तो कांग्रेस राजौरी गार्डन में दूसरे स्थान पर रही। वहीं, दूसरे विधानसभा में भी मत प्रतिशत में काफी सुधार कर आप को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
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दिल्ली में भाजपा का अपना वोट बैंक है। यह तय है कि भाजपा प्रत्याशी कोई भी तय करे, उसको कैडर वोट पड़ने ही है। भाजपा के वोट बैंक में आप अपने चरम पर भी सेंध नहीं लगा पाई थी। यही कारण है कि भाजपा नेता नहीं चाहते थे कि कांग्रेस-आप का गठबंधन हो। ऐसे में कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार से आप नेता परेशान हैं।
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वर्तमान परिस्थितियों में भले ही आप-कांग्रेस के नेता अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन उनको भी मालूम है कि अकेले भाजपा से पार नहीं पा सकते। कांग्रेस के नेता इसी बात पर खुश है कि यदि उनकी पार्टी दूसरे नंबर पर आ गई तो विधानसभा में वे हार का बदला ले लेंगे। वहीं आप के नेताओं के चेहरे पर ऊपरी खुशी जरूर है, लेकिन अंदरूनी तौर पर चेहरे मुरझाए हुए हैं। कारण भी साफ है लोकसभा में हार यानी विधानसभा में नुकसान।