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Delhi Govt Formation: 27 साल बाद सरकार में नहीं होगा कोई मुस्लिम मंत्री, किसे मिल सकता है अल्पसंख्यक विभाग

Tue, 11 Feb 2025 06:21 AM IST
Vikas Kumar राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 11 Feb 2025 06:21 AM IST
सार

Delhi New CM Face News: साल 1993 में भाजपा 49 सीटों के साथ जीतकर सत्ता में आई। उस समय मदन लाल खुराना को दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया। उनके नेतृत्व में जगदीश मुखी, साहिब सिंह वर्मा, हरशरण सिंह बल्ली, सुरेंद्र पाल रातावल, लालबिहारी तिवारी और हर्षवर्धन को मंत्री बनाया गया था।

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After 27 years there will be no minister from Muslim community in Delhi government
दिल्ली सरकार में नहीं होगा कोई मुस्लिम मंत्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस के 15 साल हो या आम आदमी पार्टी के 11 साल। दिल्ली के अल्पसंख्यक को साधने के लिए दोनों ही पार्टी की सरकार ने मंत्री मंडल में एक मुस्लिम समुदाय से मंत्री बनाया। लेकिन 27 साल बाद एक बार फिर से दिल्ली सरकार में मुस्लिम समुदाय से कोई मंत्री नहीं रहेगा।

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पंजाबी या सिख समुदाय से बनाया जा सकता है मंत्री
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा 48 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत के साथ दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है। इन 48 नवनिर्वाचित विधायकों में कोई भी उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से नहीं है। ऐसे में एक बार फिर से भाजपा सरकार दिल्ली के अल्पसंख्यक को साधने के लिए पंजाबी या सिख समुदाय से किसी व्यक्ति को मंत्री बना सकती है। इससे पहले भाजपा सरकार ने साल 1993 से 1998 की सरकार में पंजाबी या सिख समुदाय से जीत कर आए विधायक को मंत्री बनाया था।

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भाजपा सरकार में पहले मुख्यमंत्री थे मदन लाल खुराना
साल 1993 में भाजपा 49 सीटों के साथ जीतकर सत्ता में आई। उस समय मदन लाल खुराना को दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया। उसके नेतृत्व में जगदीश मुखी, साहिब सिंह वर्मा, हरशरण सिंह बल्ली, सुरेंद्र पाल रातावल, लालबिहारी तिवारी और हर्षवर्धन को मंत्री बनाया गया था। कुछ समय बाद मुख्यमंत्री बदलने पर राजेंद्र गुप्ता को मंत्री बनने का मौका मिला। वहीं लालबिहारी तिवारी के सांसद का चुनाव लड़ने पर देवेंदर सिंह शौकीन को भी मंत्री बनने का मौका मिला।

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कांग्रेस-आप ने इनको बनाया मंत्री
साल 1998 के बाद भाजपा की सरकार सत्ता से चली गई। उसके बाद कांग्रेस और आप ने अपने मंत्री मंडल में मुस्लिम समुदाय से एक मंत्री को रखा। कांग्रेस सरकार में हारून यूसुफ और आप सरकार में इमरान हुसैन मुस्लिम समुदाय से मंत्री बने।

ये भी हैं दावेदार
पार्टी सूत्रों की माने तो एक बार फिर से भाजपा दिल्ली के अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले राज कुमार भाटिया, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, हरिश खुराना, उमंग बजाज, तरविंदर सिंह मारवाह या अरविंदर सिंह लवली को मंत्री बना सकती है। सूत्रों का कहना है कि मंत्री बनने के रेस में अरविंदर सिंह लवली सबसे आगे हैं। कांग्रेस से आने के बाद उन्होंने पूर्वी दिल्ली में पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम किया। साथ ही कांग्रेस के वोट भाजपा में शिफ्ट करने में कामयाब हुए। उनके साथ ही कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे राज कुमार चौहान भी भाजपा में शामिल हुए थे।

22-23 फरवरी को नई सरकार ले सकती है शपथ
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली की नई भाजपा सरकार 22 या 23 फरवरी को शपथ ले सकती है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राम लीला मैदान में होने की संभावना है। यह समारोह भव्य तरीके से होने की उम्मीद है। इसमें भाजपा सरकार और सहयोगी सरकार के मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस समारोह में उपस्थित रहे सकते हैं। उनके अलावा इस समारोह में भाजपा के बड़े नेता भी शामिल हो सकते हैं।

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