{"_id":"5b88220d42c792465c2cad14","slug":"activist-gautam-navlakha-plea-adjourned-till-14-in-bhima-koregaon-violence-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीमा कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई 14 तक स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीमा कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई 14 तक स्थगित
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने पुणे के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के बुधवार के आदेश के मद्देनजर माओवादी समर्थक गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा समेत पांच माओवादी समर्थकों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए छह सितंबर तक घर में नजरबंद रखने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विनोद गोयल की खंडपीठ ने कहा चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई करना सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में संबंधित मामले की सुनवाई छह सितंबर को होनी है। इसलिए इस याचिका पर अब सुनवाई 14 सितंबर को की जाएगी।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को महाराष्ट्र की पुणे पुलिस के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाया था। कोर्ट ने कहा था कि महाराष्ट्र पुलिस की एफआईआर, केस डायरी व अन्य सभी दस्तावेज मराठी भाषा में है। पुलिस ने आदेश के बाद भी एफआईआर के अलावा किसी भी दस्तावेज की अंग्रेजी या हिंदी भाषा में अनुवादित सत्यापित कॉपी कोर्ट में पेश नहीं की है।
विज्ञापन
खंडपीठ ने साकेत कोर्ट के सीएमएम द्वारा ट्रांजिट रिमांड की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब जज के समक्ष कोई दस्तावेज अंग्रेजी अथवा हिंदी में पेश नहीं किया गया तो इस बात से कैसे सहमत हो गए कि पुलिस अधिकारी ने जो गिरफ्तारी की है वह सही और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पालन किया गया।
याचिका में कहा गया था कि याची को उसकी गिरफ्तारी का आधार तक नहीं बताया गया और जो दस्तावेज दिए गए वह सभी मराठी भाषा में थे। यह भाषा याची अथवा उसके परिजनों को नहीं आती।