{"_id":"5f090c838a5cdd27883a7c68","slug":"action-on-broadcasting-e-paper-in-pdf-whats-app-group","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-पेपर की पीडीएफ व्हाट्स एप ग्रुप में प्रसारित करने पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-पेपर की पीडीएफ व्हाट्स एप ग्रुप में प्रसारित करने पर कार्रवाई
Sat, 11 Jul 2020 12:44 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 11 Jul 2020 12:44 PM IST
सार
- अमर उजाला की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने हिमाचल के कई एडमिन से पूछताछ की, सभी ने सोशल मीडिया ग्रुप में ई-पेपर डालने से की तौबा
विज्ञापन
व्हाट्सएप पर अखबार की पीडीएफ प्रसारित करना गैर-कानूनी
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा पुलिस की कार्रवाई के बाद अब हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने भी अनधिकृत तौर पर अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ कॉपी व्हाट्स एप ग्रुप पर प्रसारित करने वालों का संज्ञान लिया है। ‘अमर उजाला’ प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने व्हाट्स एप ग्रुप के एडमिन से पूछताछ की है। सभी ने पुलिस को भरोसा दिलाया है कि अब वे ऐसा गैरकानूनी काम नहीं करेंगे।
विज्ञापन
अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ डाउनलोड कर उसे व्हाट्स एप ग्रुप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करना डिजिटल पाइरेसी के दायरे में आता है। ऐसा करना गैरकानूनी है और यह कॉपीराइट कानून का उल्लंघन भी है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अधिकांश लोग इससे अनभिज्ञ थे।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश में सक्रिय कई व्हाट्स एप ग्रुप में ‘अमर उजाला’ अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से प्रसारित करने की जानकारी मिल रही थी। ‘अमर उजाला’ प्रबंधन ने हिमाचल पुलिस के साइबर थाने में इसकी शिकायत की। जांच अधिकारी ने जब इन व्हाट्स एप ग्रुप के एडमिन से पूछताछ की तो सभी ने कहा कि उन्हें ई-पेपर की डिजिटल पाइरेसी के बारे में जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
सभी एडमिन ने भविष्य में अपने व्हाट्स एप ग्रुप में ‘अमर उजाला’ का ई-पेपर प्रसारित न करने का वादा पुलिस से किया है। गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा पुलिस ने भी ‘अमर उजाला’ की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए उस क्षेत्र में सक्रिय व्हाट्स एप ग्रुप के कई एडमिन से पूछताछ की थी। इसके बाद उन लोगों ने ई-पेपर की पीडीएफ को डाउनलोड का प्रसारित करना तत्काल बंद कर दिया था और पुलिस को लिखित आश्वासन दिया था कि आगे ऐसा नहीं करेंगे।
यह भी पढ़ें: अखबार के ई-पेपर की PDF व्हाट्सएप ग्रुप में प्रसारित करना गैरकानूनी, अमर उजाला की शिकायत पर कार्रवाई
विभिन्न निर्देशों में यह पहले भी स्पष्ट किया जा चुका है कि किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप में अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ या अन्य माध्यम से कॉपी प्रसारित करना गैरकानूनी और अनैतिक है। यह भी स्पष्ट किया जा चुका है कि जिस भी सोशल मीडिया ग्रुप में ऐसा किया जा रहा है, उसका एडमिन इस गैरकानूनी कृत्य के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। पाठकों से आग्रह है कि अविश्वसनीय स्रोत से मिली अखबार की पीडीएफ पर भरोसा न करें और विश्वसनीय समाचारों के लिए ‘अमर उजाला’ अखबार और इसके ई-पेपर को सब्सक्राइब करें। ‘अमर उजाला’ एप पर भी आपके अखबार का ई-पेपर उपलब्ध है।
ऐसे सब्सक्राइब करें अपना अखबार
- ‘अमर उजाला’ अखबार की कॉपी अपने समाचार पत्र विक्रेता से बुक कराएं।
- अमर उजाला अखबार विश्वसनीय खबरों के लिए जाना जाता है। अपने समाचार विक्रेता से अपनी कॉपी बुक कराएं।
- अमर उजाला अखबार का ई-पेपर पढ़ने के लिए हमारे आकर्षक मासिक और वार्षिक सब्सक्रिप्शन का लाभ उठाएं।