Delhi Classroom Scam: सत्येंद्र जैन पहुंचे एसीबी दफ्तर, क्लासरूम घोटाला मामले में होगी पूछताछ
आप नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के दफ्तर पहुंचे। दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी ने उन्हें समन जारी किया है।
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दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सत्येंद्र जैन को 6 जून यानी आज एसीबी कार्यालय में बुलाया। सत्येंद्र जैन एसीबी कार्यालय पहुंच गए हैं। जहां उनसे इस मामले में पूछताछ होगी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दिल्ली के पूर्व मंत्रियों और आप नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन जारी किया है। सत्येंद्र जैन को 6 जून को एसीबी कार्यालय में बुलाया गया है, जबकि मनीष सिसोदिया को 9 जून को पेश होने को कहा गया है।
#WATCH | AAP leader and former Delhi Minister Satyendar Jain arrives at Anti-Corruption Bureau (ACB) office.
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ACB has issued a summon to him over alleged corruption in the construction of classrooms in Delhi government schools. pic.twitter.com/7fOJy2OttWविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 6, 2025
मार्च 2025 में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से जांच की मंजूरी मिलने के बाद एसीबी ने 30 अप्रैल 2025 को इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और दिल्ली विजिलेंस डायरेक्टोरेट की रिपोर्ट में बार-बार अनियमितताओं की बात सामने आने पर भाजपा व कांग्रेस दोनों ही आप सरकार पर हमलावर थे। इनका आरोप है कि क्लासरूम की लागत से पांच गुना अधिक रकम वसूली गई।
सीवीसी के अनुसार क्लासरूम के निर्माण की लागत को 24.86 लाख रुपये प्रति कमरा दिखाया गया, जबकि सामान्य रूप से इसके निर्माण में पांच लाख रुपये का ही खर्चा आता। सीवीसी की 2020 की रिपोर्ट में सीपीडब्ल्यूडी नियमों, वित्तीय दिशा निर्देशों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की बात भी सामने आई थीं।
इस रिपोर्ट में कहा गया कि सेमी परमानेंट स्ट्रक्चर (एसपीएस) के लिए 8800 रुपये प्रति वर्ग फुट की लागत ली गई, यह सामान्य से पांच गुना अधिक थी। जांच में पाया गया कि 2015-16 में स्वीकृत प्रोजेक्ट को जून 2016 तक पूरा नहीं किया था। इसकी लागत 17 फीसदी से 90 फीसदी तक बढ़ गई। आप से जुड़े 34 ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के भी आरोप लगे। भाजपा और कांग्रेस ने इसे जनता के पैसे की लूट का मामला बताया है। मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पहले से ही दूसरे मामलों की जांच का सामना कर रहे हैं। सिसोदिया शराब नीति के मामले में जेल जा चुके हैं। वहीं, जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर बाहर हैं।