आप कार्यकर्ता आत्महत्या : 11 साल की बेटी ने बयां की मां पर जुल्मों की कहानी
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि छानबीन के दौरान जब पुलिस ने सोनी की 11 वर्षीय बेटी से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी मां सारे दिन रोती रहती थी।
आरोपियों ने सोनी की बेटी का स्कूल में दाखिला भी नहीं होने दिया था। बेटी का दाखिला न होने से भी सोनी काफी हताश थी। सोनी का पति उसे काफी समझाता था, लेकिन इसके बावजूद वह डिप्रेशन में चली गई और उसने यह कदम उठा लिया।
अब तक दो एफआईआर हुई दर्ज
सोनी से छेड़छाड़ और उसकी आत्महत्या के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर दो जून को दर्ज हुई। इसमें रमेश के खिलाफ पहले जान से मारने की धमकी और अश्लील फब्तियां कसने का मामला दर्ज किया गया था।
सोनी के खिलाफ आरोपियों ने दी थी चार शिकायतें
बाद में उसी एफआईआर में छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज कर ली गई। सोनी के आत्महत्या करने के बाद 19 जुलाई को पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था।
सोनी के बयान के बाद रमेश को गिरफ्तार कर पूछताछ हुई। उसके बाद उसी एफआईआर में सबूत नष्ट करना, साजिश रचना और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
सोनी के खिलाफ आरोपियों ने दी थी चार शिकायतें
ऑडियो टेप तैयार करने के बाद आरोपियों ने मुख्तियार सिंह के कहने पर सोनी के खिलाफ अलग-अलग समय में 4 शिकायतें दी थीं। इसमें कहा गया था कि सोनी ने जानबूझकर रमेश व दूसरों को फंसाने लिए मामला दर्ज करवाया है।
ऑडियो टेप को आधार बनाकर आरोपी कह रहे थे कि सोनी असल में 15 लाख रुपये मांग रही है। रुपयों के लिए ही उसने मामला दर्ज करवाया था।