35 अफसरों की गिरफ्तारी पर आप ने दिया जवाब
भ्रष्टाचार वाले विज्ञापन में 35 लोगों की गिरफ्तारी को दिल्ली सरकार ने सही बताया है। सरकार का कहना है कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि विज्ञापन गलत है।
जबकि हकीकत यह है कि भ्रष्टाचार के आरोप में 35 लोगों पर अभी तक शिकंजा कसा गया है। आरटीआई में सिर्फ 7 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आने पर भाजपा ने यह सवाल उठाए थे।
इतना ही नहीं विपक्ष ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान भी गिरफ्तार लोगों की सूची जारी करने का दबाव सरकार पर बनाया था।
केजरीवाल सरकार की तरफ से दिल्ली में जगह-जगह लगे विज्ञापनों में यह दर्शाया गया है कि दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए भ्रष्ट लोगों की गिरफ्तारी कर रही है।
किस विभाग से कितनी गिरफ्तारी?
लेकिन एक आरटीआई के जवाब में दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच ने ही बताया था कि हेल्पलाइन 1031 के शुरू होने से लेकर 27 मई 2015 तक 7 अफसरों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन केजरीवाल सरकार का दावा है कि यह आरटीआई गलत है।
केजरीवाल सरकार के अनुसार 7 गिरफ्तारी का आंकड़ा 5 अप्रैल का है जो हेल्पलाइन शुरू होने के सिर्फ 35 दिन बाद तक का आंकड़ा है। अलग-अलग विभागों में हुई गिरफ्तारियों का ब्योरा देखें तो एसीबी ने अब तक 35 सरकारी बाबुओं को गिरफ्तार किया है।
इसकी सूची भी जारी की गई है। हालांकि इस सूची में सरकार ने सिर्फ विभागों के नाम दिए हैं। जबकि भाजपा विभागों के साथ ही उनके नामों की सूची और पद की भी मांग कर रही है।
पार्टी के मुताबिक एक्साइज से 12, जल बोर्ड से 9, शिक्षा विभाग से 7, एमसीडी से 2, एग्रीकल्चर प्रोड्यूश मार्केटिंग कमेटी से 3, . पीडब्ल्यूडी से 1 और दिल्ली पुलिस से भी 1 व्यक्ति पकड़ा गया।