आप में बवाल पर बोले संजय सिंह, पार्टी का उड़ रहा मजाक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिट्ठियों के लीक होने से आम आदमी पार्टी में चल रही उठापटक के मसले पर पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने सफाई दी है।
संजय सिंह ने कहा है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के मामले पर हो रहे विवाद पर फैसला 4 मार्च को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में होगा।
संजय सिंह ने कहा कि पार्टी में इन दिनों जो भी हो रहा है उससे पार्टी का मजाक उड़ रहा है और कार्यकर्ताओं में निराशा हो रही है।
'अरविंद को न बनाएं निशाना'
आप के प्रवक्ता संजय सिंह ने पार्टी के बड़े नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी सुचारू रूप से काम नहीं कर पाएगी अगर पार्टी के वरिष्ठ सदस्य केजरीवाल को निशाना बनाकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे।
लगातार पार्टी के सदस्यों द्वारा लिखे पत्रों के लीक होने का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि इस तरह से पत्रों के लीक होने से पार्टी मजाक बनकर रह गई है।
संजय सिंह ने कहा कि कुछ लोग पार्टी के संयोजक बनना चाहते हैं, पर कौन पार्टी का संयोजक बनेगा यह वो कोई एक आदमी नहीं बल्कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी तय करेगी।
'केजरीवाल हैं तानाशाह'
आप में चल रहे विवाद और उसको लेकर हुई पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस के बाद आप से भाजपा में शामिल हुई शाजिया इल्मी ने पार्टी की आलोचना की है।
शाजिया ने कहा कि जैसा कि उन्होंने अपने इस्तीफे के समय ही कहा था कि आप में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है वह चीज अब साफ हो गई है।
शाजिया ने आप की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में योगेंद्र यादव जैसे नेताओं को किनारे इसलिए कर दिया जाता है क्योंकि वो सवाल पूछते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकरण के बाद केजरीवाल कैंप की तानाशाही साफ झलकती है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी लेगी सभी फैसले
प्रेस कांफ्रेंस के बाद आप नेता आशुतोष ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी का फैसला पार्टी का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि नेताओं पर हर तरह के फैसले लेने का हक केवल राष्ट्रीय कार्यकारिणी को है।
आशुतोष ने पार्टी में चल रहे मतभेद को लेकर कहा कि जिसे आप पार्टी के विवाद के रूप में देख रहे हैं उसे वो विचारों में भिन्नता के रूप में देखते हैं।
इससे पहले आज सुबह आशुतोष ने अपने ट्वीट में कहा था कि पार्टी में जो विचारों का मतभेद चल रहा है वह वामपंथी विचारधारा जो कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हैं उनके और विकास व लोगों की भलाई के लिए काम करने वालों के बीच का मतभेद है।
आशुतोष आगे लिखते हैं कि ये लोगों का नहीं बल्कि विचारों के बीच का द्वंद्व है। इसी द्वंद्व से आप की भविष्य की राजनीति की दिशा तय होगी।