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Durgesh Pathak: आप नेता दुर्गेश पाठक का आरोप, एमसीडी के अधीन हरदयाल लाइब्रेरी में हुई भारी गड़बड़ी
Fri, 15 Jul 2022 06:35 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 15 Jul 2022 06:35 AM IST
सार
दुर्गेश पाठक ने बताया कि लाइब्रेरी के कर्मचारियों को पिछले 18 माह से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद पूनम पाराशर ने 10 नई भर्तियां कराई है और तीन माह के भीतर ही उन्हें पक्का भी कर दिया।
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आप प्रवक्ता दुर्गेश पाठक
- फोटो : https://www.facebook.com/ipathak25
विस्तार
आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया है कि एमसीडी के अधीन हरदयाल लाइब्रेरी में भाजपा बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर रही है। लाइब्रेरी की सचिव पूनम पाराशर ने सभी नियमों के विरुद्ध पति को लाइब्रेरी का सदस्य बनाया और बेटे को लगभग 40 हजार की नौकरी दी। पूनम पाराशर भाजपा की पूर्व पार्षद हैं और उनके पति अनिल झा किराड़ी के पूर्व विधायक है।
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पार्टी मुख्यालय में बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में दुर्गेश पाठक ने बताया कि लाइब्रेरी के कर्मचारियों को पिछले 18 माह से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद पूनम पाराशर ने 10 नई भर्तियां कराई है और तीन माह के भीतर ही उन्हें पक्का भी कर दिया। इस पूरे मामले में गड़बड़ी है और वह शुक्रवार को उपराज्यपाल को सबूतों के साथ पत्र सौंपकर जानकारी देंगे। पूनम पाराशर ने अपने पति को लाइब्रेरी की प्रबंधक समिति का आजीवन सदस्य बना दिया।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में उपराज्यपाल ने दिल्ली के लोगों को चोर और बेईमान कहा था। इस पूरे मामले पर वह उपराज्यपाल को पत्र लिख रहे है और शुक्रवार को सभी सबूतों के साथ उन्हें पत्र सौपेंगे। इस दौरान वह उपराज्यपाल से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगे। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार अपने वादे के अनुसार सभी कर्मचारियों की लंबित तनख्वाह तुरंत जारी करें, वहीं पूनम पाराशर के निर्णय की जांच होनी चाहिए।
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