AAP Vs BJP: आप नेता का दावा- भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार पर एलजी चुप, संजय सिंह ने आदेश गुप्ता पर बोला हमला
आप नेता दिलीप पांडेय ने कहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सामने आकर जवाब देना चाहिए। अपने कार्यालय की भूमिका को भी स्पष्ट करना चाहिए। बोले, आदेश गुप्ता और श्याम जाजू पर आय से अधिक संपत्ति जोड़ने के आरोप हैं।
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडे ने कहा कि भाजपा के नेताओं के भ्रष्टाचार पर उपराज्यपाल ने चुप्पी साध ली है। जबकि आम आदमी पार्टी के मामले में सबूत-गवाहों को दरकिनार कर चिट्ठी लिखते हैं। पूछा कि जब भाजपा नेता श्याम जाजू व आदेश गुप्ता का भ्रष्टाचार सब के सामने आ गया है तो इस मामले में उपराज्यपाल ने क्या किया। क्या उपराज्यपाल ने एंटी करप्शन ब्रांच, सीबीआई को चिट्ठी लिखी।
पांडेय ने यह भी कहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सामने आकर जवाब देना चाहिए। अपने कार्यालय की भूमिका को भी स्पष्ट करना चाहिए। आदेश गुप्ता और श्याम जाजू पर आय से अधिक संपत्ति जोड़ने के आरोप हैं। लोकायुक्त कोर्ट में वकील ने शिकायत दी तो प्राथमिक तौर पर आरोपों में दम पाए जाने के बाद जांच की गई। इसके बाद लोकायुक्त ने आदेश गुप्ता को एक नहीं, बल्कि तीन बार बुलाया। आदेश गुप्ता और उनकी कंपनी की ओर से जो संपत्तियां खरीदी गई हैं।
मुद्दे को लेकर पूछे सवाल
पांडेय ने कहा कि पहला सवाल, ऐसा कैसे हुआ कि आदेश गुप्ता को अपनी आय का स्रोत बताने में दिक्कत हो रही है। दूसरा सवाल, ऐसा कैसे हुआ कि भाजपा का दफ्तर मजबूत सॉल्यूशंस कंपनी का कार्यालय बन गया। तीसरा सवाल, अगर पार्टी का दफ्तर व्यावसायिक गतिविधि के लिए किसी कंपनी का स्थान बना है तो चुनाव आयोग इसकी जांच करे। चौथा सवाल, 2014-15 से श्याम भाजपा दिल्ली के प्रभारी थे। आदेश को जून 2020 में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है। क्या पहले इसकी डील हुई।
आदेश गुप्ता ने मेयर रहते हुए किया करोड़ों का भ्रष्टाचार: संजय
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मेयर रहते हुए करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया, लेकिन पूरी भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय पदाधिकारी के इतने बड़े भ्रष्टाचार के मामले में खामोश बैठी है। तत्कालीन मेयर व पार्षद आदेश गुप्ता और बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने अपने परिवारवालों के साथ मजबूत सॉल्यूशनस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाई। इसका मकसद मजबूती के साथ भ्रष्टाचार करना है।
जांच के बाद लोकायुक्त तीन बार बुला चुके
उन्होंने कहा कि कंपनी के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर 13 संपत्तियां खरीदीं और वहां मकान बनाकर बेचने का धंधा किया गया। जांच के बाद लोकायुक्त तीन बार आदेश गुप्ता को बुला चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक अपनी ओर से कोई सफाई नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि आदेश गुप्ता ने मेयर और पार्षद की आमदनी से कई गुना ज्यादा करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी। इसका जवाब आदेश गुप्ता, श्याम जाजू और बीजेपी के पास नहीं है। यह आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। बीजेपी को सामने आकर इन विषयों पर जवाब देना चाहिए। पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस पार्टी के बड़े-बड़े नेता कोई छोटी सी छोटी घटना भी हो जाए तो हंगामा करने लगते हैं, वह खामोश है। कोई कुछ नहीं बोल रहा है। इसमें कुछ छिपा नहीं है। यह खुला भ्रष्टाचार का खेल है।