अल्पसंख्यक समुदाय के स्कूल को जमीन देने के मामले में सरकार ने लिया यू-टर्न
करीब 40 वर्ष पहले आपातकाल के दौरान गिराए गए अल्पसंख्यक समुदाय के स्कूल को भूमि आवंटित करने के मामले में आप सरकार ने यू-टर्न ले लिया।
सरकार ने पहले कहा था कि वह स्कूल को भूमि आवंटित करने की संभावनाएं तलाश रही है। अब हाईकोर्ट को बताया कि भूमि डीडीए आवंटित करेगा।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ के समक्ष एक याचिका की सुनवाई के दौरान उक्त तर्क रखा। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज बख्त अहमद ने दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अभी तक अपने वायदे के अनुसार भूमि आवंटित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। स्कूल आज भी बिना इमारत के 1976 से टैंट में चल रहा है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने पेश शपथपत्र में कहा कि स्कूलों सहित संस्थागत प्रयोजन के लिए भूमि का आवंटन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा ही किया जाता है।
ऐसे में अदालत डीडीए को उचित दिशा निर्देश जारी कर सकता है। दूसरी तरफ, डीडीए ने तर्क रखा कि 19 अप्रैल 2006 को शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के तहत वर्तमान में स्कूलों को भूमि केवल नीलामी के माध्यम से दी जा सकती है।