गाजियाबाद: धर्म परिवर्तन पर छिड़ा राजनीतिक संग्राम, आप-भाजपा आमने सामने
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करहेड़ा में धर्मांतरण के बीच अब राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पूरे मामले पर आमने-सामने आई गई है। भाजपा ने ‘आप’ को घेरते हुए गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी की स्थानीय इकाई ने करेहड़ा में कोई धर्मांतरण न होने की बात कहकर जल्द ही साजिश का पर्दाफाश करने की बात कही है।
वहीं, आप का कहना है कि हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हमने वहां के लोगों का दर्द बांटा और उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलवाया। बाकी भाजपा सत्ता में है, जो भी जांच कराना चाहे वो करा ले। उधर, सपा ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
धर्मांतरण का मामला सुर्खियों में आया तो आप की पूरी प्रदेश इकाई सक्रिय होगी। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर स्थानीय नेताओं ने करहेड़ा में परिवारों से संपर्क साधा और शाम होने तक दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल से उनकी मुलाकात भी करा दी।
एक तरह से पूरे मामले पर ‘आप’ ने जाति विशेष के लोगों को यह भरोसा देने की कोशिश की कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। यूपी में राजनीतिक जमीन तलाश रही आप ने पूरे मामले को तेजी से कब्जाने की कोशिश की तो भाजपा ने भी आप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
दोपहर में भाजपा के स्थानीय विधायक सुनील शर्मा ने किसी भी तरह का धर्मांतरण न होने की बात कही। उसके बाद स्थानीय लोगों के सीएम केजरीवाल से मिलने की खबर आई तो पार्टी के महानगर अध्यक्ष ने लिखित बयान जारी कर आप पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोगों को बरगला कर प्रदेश का माहौल बिगाड़नी की एक साजिश है और जल्द ही इसकी पर्दाफाश किया जाएगा।
वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने प्रदेश सरकार के अत्याचारों से दुखी होकर धर्म परिवर्तन किया है। हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि उनका दर्द बांटने के लिए करहेड़ा में गए थे। सरकार को चाहिए कि मामले में राजनीति न खोजे। बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम करे। न हम सरकार में है और न शासन-प्रशासन हमारे इशारे पर काम करता है। अगर उन्हें मामले में साजिश नजर आती है तो जांच करा लें।
- चेतन त्यागी, आप जिलाध्यक्ष
इस घटना को हाथरस की घटना से जोड़ना पूरी तरह से गलत है। वाल्मीकि समाज हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। जनता को बरगलाकर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन लोगों को चिन्हित कराया जा रहा है। आप भी पूरे मामले में गंदी राजनीति कर रही है। उसका एक-दो दिन में पर्दाफाश किया जाएगा। अगर वहां के लोगों कोई प्रशासनिक समस्या है तो उसका भी जल्द समाधान किया जाएगा।
- संजीव शर्मा, महानगर
अध्यक्ष भाजपा को मान लेना चाहिए कि प्रदेश में जाति विशेष को लोगों को निशाना बना कर प्रताड़ित किया जा रहा है और प्रदेश की सरकार उन्हें सुरक्षा व न्याय दिलाने में विफल साबित हो रही है। हाथरस की घटना के बाद एक समुदाय विशेष के लोगों में असुरक्षा का माहौल है। इससे साफ है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अब लोगों को भरोसा नहीं है।
- राकेश यादव, एमएलसी सपा
करहेड़ा में लग सकता है राजनीतिक पार्टियों का जमावड़ा
धर्मांतरण की घटना के बाद अब शासन-प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि धर्म परिवर्तन की घटना के बाद अब कई राजनीतिक दलों के नेता उनसे मिलने पहुंचेंगे। इसमें आप के बाद कांग्रेस, सपा, रालोद व अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की खबर है। उधर, शासन की तरफ से जिला प्रशासन और पुलिस को बॉर्डर व करहेड़ा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी करने को कहा गया है।