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Delhi NCR News: विश्व नृत्य दिवस समारोह में दिखेगा एआई और परंपरा का अनोखा संगम
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- 25 व 26 अप्रैल को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में होगा आयोजन, कार्यशालाओं और प्रस्तुतियों की रहेगी भरमार
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में 25 और 26 अप्रैल 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 19वें विश्व नृत्य दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। नाट्य वृक्ष और प्रख्यात नृत्यांगना गीता चंद्रन के संयोजन में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में परंपरा और समकालीन विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से होने वाले इस उत्सव में कार्यशालाएं, व्याख्यान-प्रदर्शन, पैनल चर्चा और देशभर के कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
कार्यक्रम के पहले दिन इंफाल के कोरियोग्राफर सूरजित नोंगमैखापाम द्वारा यांगशक मूवमेंट कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें मणिपुरी परंपरा और थांग-टा मार्शल आर्ट के जरिए शरीर और अभिव्यक्ति की समझ विकसित की जाएगी। वहीं गुरु डॉ. सुचेता भिड़े-चापेकर ‘प्रवाहिता’ शीर्षक से व्याख्यान-प्रदर्शन देंगी। युवा नृत्य उत्सव में करुणा सागरी और अमीरा पाटंकर अपनी प्रस्तुतियां देंगी। दूसरे दिन एआई और नृत्य विषय पर पैनल चर्चा आयोजित होगी, जिसका संचालन अनीता रत्नम करेंगी। इसमें तकनीक और नृत्य के बदलते संबंधों पर विचार-विमर्श होगा। शाम को वृंदा चड्ढा और अविजीत दास की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समारोह की क्यूरेटर गीता चंद्रन के अनुसार, यह समारोह नृत्य की परंपरा को सम्मान देने के साथ-साथ आधुनिक समय में इसकी भूमिका पर संवाद को भी मजबूत करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में 25 और 26 अप्रैल 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 19वें विश्व नृत्य दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। नाट्य वृक्ष और प्रख्यात नृत्यांगना गीता चंद्रन के संयोजन में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में परंपरा और समकालीन विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से होने वाले इस उत्सव में कार्यशालाएं, व्याख्यान-प्रदर्शन, पैनल चर्चा और देशभर के कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
कार्यक्रम के पहले दिन इंफाल के कोरियोग्राफर सूरजित नोंगमैखापाम द्वारा यांगशक मूवमेंट कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें मणिपुरी परंपरा और थांग-टा मार्शल आर्ट के जरिए शरीर और अभिव्यक्ति की समझ विकसित की जाएगी। वहीं गुरु डॉ. सुचेता भिड़े-चापेकर ‘प्रवाहिता’ शीर्षक से व्याख्यान-प्रदर्शन देंगी। युवा नृत्य उत्सव में करुणा सागरी और अमीरा पाटंकर अपनी प्रस्तुतियां देंगी। दूसरे दिन एआई और नृत्य विषय पर पैनल चर्चा आयोजित होगी, जिसका संचालन अनीता रत्नम करेंगी। इसमें तकनीक और नृत्य के बदलते संबंधों पर विचार-विमर्श होगा। शाम को वृंदा चड्ढा और अविजीत दास की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समारोह की क्यूरेटर गीता चंद्रन के अनुसार, यह समारोह नृत्य की परंपरा को सम्मान देने के साथ-साथ आधुनिक समय में इसकी भूमिका पर संवाद को भी मजबूत करेगा।
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