Delhi: स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर समारोह का हुआ आयोजन, उनके विचारों को याद कर किया नमन
युवा चेतना द्वारा आयोजित स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह में वक्ताओं ने उनके किसान-मजदूरों के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
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नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब आफ इंडिया के सभागार में देश के महान किसान, मजदूर नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह का आयोजन युवा चेतना के तत्वावधान में किया गया। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायधीश बीआर गवई, भारत सरकार के कपड़ा विभाग के कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह, भारत सरकार के जल शक्ति विभाग के राज्य मंत्री डा. राजभूषण चौधरी निषाद, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह सहित अन्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की आजीवन स्वामी सहजानंद सरस्वती ने गरीब और कमजोर वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रयास किया। स्वामी सहजानंद सरस्वती सामाजिक न्याय आंदोलन के अगुआ थे। सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती वंचित वर्ग के भगवान थे। जस्टिस गवई ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने जन्म सबल घर में लिया, लेकिन निर्बल लोगों के कल्याण के लिए समाज में लड़ते रहे। साथ ही उन्होंने युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह के कार्यों की सराहना की।
भारत सरकार के कपड़ा विभाग के कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा की स्वामी सहजानंद सरस्वती ने जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ समाज के अंतिम व्यक्ति के समग्र विकास के लिए अद्भुत प्रयास किया। आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसान और मजदूर के समग्र विकास के लिए संकल्पित है।
भारत सरकार के जलशक्ति विभाग के राज्य मंत्री डा. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के महानायक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती सामाजिक न्याय के मसीहा थे। स्वामी सहजानंद सरस्वती के वंशज पूरे देश में प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं। वहीं, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती क्रांतिकारी महापुरुष रहे, जिन्होंने पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण हेतु काम किया।