चोलाः छिपकली गिरा दूध पीने से एक बहन की मौत, दूसरी गंभीर
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चोला चौकी के खानपुर गांव में छिपकली गिरा हुआ दूध पीने से कक्षा नौ की छात्रा की मौत हो गई जबकि छात्रा की बड़ी बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका उपचार नोएडा के एक अस्पताल में चल रहा है। बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदारों, ग्रामीणों के घर पर तांता लगा हुआ है। परिवार के सदस्यों के अलावा रिश्तेदार, ग्रामीण अस्पताल में भर्ती बेटी के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
खानपुर निवासी यतेंद्र किसान हैं। उनके दो बेटी योगिता 18 वर्ष, भारती 14 वर्ष, बेटा युवनेश 16 वर्ष हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर यतेंद्र की पत्नी ने दूध को गर्म किया। और उसके बाद वह पति, दोनों बेटियों के साथ जंगल में काम करने के लिए चली गईं। दोपहर करीब ढाई बजे सभी लोग जंगल में कार्य करने के बाद वापस घर लौटे। घर लौटने पर योगिता, भारती ने एक-एक गिलास दूध पिया। दूध पीने के कुछ समय पश्चात भारती ने जी मिचलाने और उल्टी होने की शिकायत की।
मगर मां ने किसी अन्य वजह से तबियत खराब होने की बात कहते हुए कोई खास ध्यान नहीं दिया। शाम करीब चार बजे यतेंद्र का पुत्र युवनेश स्कूल से घर लौटा। जब मां युवनेश को दूध देने के लिए गिलास में डाल रही थी तो दूध के साथ छिपकली का कंकाल भी आया। दूध में छिपकली का कंकाल देखने पर उसके होश उड़ गए। और उसे बेटी भारती के दूध पीने से तबियत खराब होने की बात याद आई। और मां ने घटना के बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया।
जानकारी होने पर परिवार के लोग शाम करीब चार बजे दोनों बहनों को उपचार के लिए नोएडा लेकर पहुंचे। दोनों को नोएडा के शारदा अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि उपचार के दौरान शाम करीब सात बजे भारती की मौत हो गई। वही योगिता की हालत गंभीर बनी हुई है। जो फिलहाल आईसीयू में भर्ती है। और उसका उपचार चल रहा है। परिजनों ने बताया कि मृतका भारती कक्षा नौ की छात्रा थी। वहीं योगिता बीएससी नर्सिंग की छात्रा है।
भारती को अधिकारी बनाना चाहता था किसान पिता
मृतका भारती को किसान पिता यतेंद्र पढ़ा लिखाकर अधिकारी बनाना चाहता था। लेकिन बेटी की मौत के साथ ही किसान पिता का सपना भी टूट गया। यतेंद्र ने बताया कि वह बेटी, बेटियों में कोई फर्क नहीं समझता। बेटे की ही तरह वह बेटियों को भी अच्छे स्कूल में पढ़ा रहा था। बड़ी बेटी योगिता को उसने बीएससी नर्सिंग में दाखिला दिलाया था।
वही छोटी बेटी भारती कक्षा नौ की छात्रा थी। बताया कि भारती पढ़ने में बहुत तेज थी। वह हमेशा अपनी क्लाश में स्थान लाती थी। वह भारती को पढ़ा लिखाकर अधिकारी बनाना चाहता था। भारती की मौत के साथ ही उसका बेटी को अधिकारी बनाने का सपना भी टूट गया है। बेटी की मौत पर यतेंद्र व उसके परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह रखें सावधानियां
- खाने पीने की वस्तुओं को हमेशा ढक कर रखें
- खाना बनाते समय, या दूध को उबालते समय उसके पास ही खड़े रहे, ताकि उसमें कोई जहरीला जीव जंतु अगर गिरता है तो उसकी तुरंत जानकारी हो जाए
- जहीरीले वस्तु के सेवन करने की जानकारी होने पर सेवन करने वाले को तुरंत उल्टी कराएं।
- यदि उल्टी करने में परेशानी हो रही हो तो उसे नमक का पानी पिलाए जिससे उल्टी हो जाती है
- जहरीली वस्तु के सेवन की जानकारी होने पर तुरंत रोगी को अपने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।