अलीपुर के मुखमेलपुर गांव स्थित नगर निगम की प्राइमरी स्कूल की सेप्टिक टैंक में मिले मानव कंकाल को गांव निवासी शौकत अली ने अपने बेटे के होने का दावा किया है। शौकत का कहना है कि वर्ष 2000 में उनका 13 साल का बेटा लापता हो गया था। कंकाल के पास मिले कपड़े उसके बेटे के कपड़े से मेल खा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की जांच, फोरेंसिक और डीएनए जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए पत्र लिखा है।
सेप्टिक टैंक में मिला नर कंकाल 18 साल पहले गायब किशोर का, मुखमेलपुर गांव के एक परिवार ने किया दावा
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जानकारी के मुताबिक बुधवार रात स्कूल के सेप्टिक टैंक में एक खोपड़ी, हड्डियां और कपड़े मिले थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक स्कूल के बाथरूम काफी सालों से बंद पड़े थे। दिव्यांग बच्चों के लिए नए बाथरूम के निर्माण करने के फैसले के बाद पुराने को तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को टैंक से नर कंकाल मिला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने मौका का मुआयना किया।
मानव कंकाल को कब्जे में लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि पूरा नरकंकाल नहीं मिला है बल्कि खोपड़ी और कुछ हड्डियां मिलीं हैं। उसके साथ कुछ कपड़े मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि कपड़े उसी के हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह कंकाल किसका है। फिलहाल पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
परिवार ने किया दावा
खबर मिलने पर मुखमेलपुर गांव में रह रहे शौकत अली ने दावा किया है कि यह कंकाल उनके बेटे का है। कंकाल के पास से जो कपड़े मिले हैं उसी तरह का कपड़ा उसके बेटे ने गायब होनेे के दिन पहन रखा था। उसने बताया कि 18 साल पहले 22 जून 2000 को उसका बेटा जावेद कुछ सामान लेने के लिए दुकान पर गया था। उसके बाद से वह गायब हो गया। पुलिस व परिजनों ने काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
गायब होने के बाद अज्ञात ने की थी कॉल
जावेद की मां ने बताया कि जब उसका बेटा गायब हुआ था तो पुलिस वाले उससे किसी पर शक होने की बात पूछ रहे थे। लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया था। शौकत ने बताया कि बेटे के गायब होने के एक सप्ताह बाद अनजान कॉल आई थी। फोन करने वाले ने कहा था कि तुम्हारे बहनोई से पांच लाख रुपये लेने हैं। रकम वापस करने पर तुम्हें बच्चा लौटा दिया जाएगा। परिवार वालों ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली थी। पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता का कहना है कि जब तक फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं आती परिवार के दावे को सही नहीं ठहराया जा सकता है। पुलिस फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।