अटक सकता है नोएडा एयरपोर्ट, कोर्ट में याचिका दायर, 83 किसानों ने हाईकोर्ट में डाली याचिका
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जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट अटक सकता है। एयरपोर्ट की जमीन से जुड़े किशोरपुर के 83 किसानों ने सात याचिकाएं दायर की हैं। कोर्ट ने इन याचिकाओं को स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन व यमुना प्राधिकरण को शुक्रवार को सुनवाई में अपना पक्ष रखने को कहा है।
याचिका दायर करने वाले किसानों ने एयरपोर्ट की जमीन के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से तय मुआवजा, विस्थापन व पुनर्वास नीति पर नाराजगी जताई है। याचिका में धारा-11 (जमीन लिए जाने की अधिसूचना) और धारा 19 (जमीन अधिग्रहण की धारा) का विरोध करते हुए रोक लगाने की अपील की गई है। कोर्ट ने जिला प्रशासन व यमुना प्राधिकरण सहित तमाम पक्षकारों को शुक्रवार को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट के लिए करीब 1334 हेक्टेयर जमीन की दरकार है, जिसमें से 94 हेक्टेयर जमीन सरकारी है, जिसका फिर से अधिग्रहण होगा। बाकी जमीन किसानों से ली जानी है। यह जमीन छह गांवों में स्थित हैं। रोही, पारोही, रन्हेरा, किशोरपुर, बनवारीवास और दयानतपुर गांव की जमीन ली जानी है। किशोरपुर गांव के किसानों ने याचिका दायर की है। एडीएम (भू-अध्याप्ति) बलराम सिंह का कहना है कि सुनवाई की तिथि पर कोर्ट के समक्ष प्रशासन भी अपना पक्ष रखेगा।
मसले पर सभी को सहयोग करना चाहिए : डॉ. महेश
वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि जेवर में एयरपोर्ट के बनने से इस क्षेत्र के 100 किलोमीटर के दायरे में विकास तेजी हो सकेगा। इसलिए इस मसले पर सभी को सहयोग करना चाहिए। किसान किसी राजनीतिक दबाव में न आएं, बल्कि क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखना चाहिए।
कल लग सकती है धारा-23
जिला प्रशासन ने धारा-19 में आई शिकायतों का बृहस्पतिवार को निस्तारण कर शनिवार से धारा 23 लागू होने की उम्मीद जताई है। एडीएम भू अध्याप्ति बलराम सिंह का कहना है कि आपत्तियों को निस्तारित कर कमिश्नर से मुआवजा बांटने की अनुमति ली जाएगी। 23 फरवरी से मुआवजा बांटकर जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।