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70 हजार का आया बिजली बिल, महिला का बैठा दिल
अमर उजाला, वसुंधरा
Updated Wed, 16 Dec 2015 01:19 AM IST
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सेक्टर-10 स्थित सबस्टेशन पर विद्युत बिल माफ कराने आई बुजुर्ग महिला की हार्ट अटैक से मौत हो गई। आरोप है कि सब स्टेशन पर बिल माफ करने से मना करने और जुर्माना लगाने की बात पर महिला को हॉर्ट अटैक आ गया था।
असल में महिला का 70 हजार रुपये का बिल आया था, जिसका वह पार्ट में भुगतान कर रही थी। मात्र 15 हजार रुपये बाकी थे, जिन्हें वह माफ कराना चाह रही थीं। लेकिन अफसरों ने उससे बदसलूकी कर दी। इससे उसे हार्ट अटैक हो गया।
उधर, बिजली अधिकारियों पर महिला की मौत का आरोप लगाते हुए लोगों ने नारेबाजी कर धरना दिया। भीड़ को उग्र होता देख कर्मचारी सबस्टेशन से भाग गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं मानें। बाद में सब स्टेशन पहुंचे अधिशासी अभियंता के आश्वासन पर ढाई घंटे बाद लोग शांत हुए।
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महाराजपुर निवासी अकबरी (70) सोमवार को बेटे के साथ बिजली का बिल जमा कराने वसुंधरा सेक्टर-10 सबस्टेशन पहुंची थीं। करीब 15 हजार रुपये का बिल उन पर बकाया था।
उन्होंने अधिकारियों से बिल माफ करने की बात रखी, लेकिन पूरा भुगतान करने के लिए कहा गया। साथ ही बिल जमा नहीं करने पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की बात भी कही।
महिला का करीब 70 हजार रुपये बिल था और दो बार आंशिक बिल जमा करा चुकी थीं। लोगों ने बताया कि वह बार-बार बिल माफ करने की गुहार लगा रही थी।
जब अधिकारियों ने बिल माफ करने से मना किया तो महिला चक्कर खाकर गिर गई। इससे घबराए अधिकारियों ने बुजुर्ग महिला को पास के निजी अस्पताल भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने उसे जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना का पता चलते ही महाराजपुर के लोग दोपहर 12 बजे सबस्टेशन पहुंचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस की तीन पीसीआर पहुंचीं।
चौकी इंचार्ज राजीव बालियान ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद अधिशासी अभियंता हरीश बंसल ने लोगों को समझाया और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों के सामने रखकर जल्द पूरा करने आश्वासन दिया।
इस पर लोग लौट गए। धरना देने वालों में फरमान अली, हसीन, रबीना, गुल्लो, शीना, परवीन, जावेद, सलमान, आदि लोग रहे।
लोगों का आरोप
गांव निवासी हाजी आरिफ का आरोप है कि वह बिल माफ कराने गई थी, लेकिन अधिकारियों ने बिल के साथ जुर्माना जमा करने को कहा, न जमा कराने पर पुलिस के हवाले करने की बात कही और बदसलूकी की।
इससे उसे हार्ट अटैक आ गया। अब बुजुर्ग महिला का बिजली बिल माफ किया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। बिजली विभाग द्वारा दर्ज शिकायतों को भी खत्म किया जाए। मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन शुरू करेंगे।
जानबूझकर की जाती है बिलों में गड़बड़ी
गाजियाबाद। गलत बिजली बिल भेजने और उसे ठीक करने के लिए पावर कारपोरेशन में एक गिरोह काम कर रहा है। यह सब जानबूझकर किया जाता है।
बिना सुविधा शुल्क दिए या किसी उच्चाधिकारी के हस्तक्षेप के बिल ठीक कराना संभव नहीं है। मंगलवार को लालकुआं क्षेत्र के एक विकलांग उपभोक्ता ने एसई ने शिकायत की थी।
एसई एसबी यादव ने एसडीओ को तलब किया था। अमर उजाला ने पिछले दिनों समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कई उपभोक्ताओं को लाखों के बिल मिले थे।
एसई एसबी यादव के अनुसार एक माह में प्रथम सर्किल में 2800, द्वितीय (टीएचए क्षेत्र) में 1600 और तृतीय सर्किल (लोनी क्षेत्र) में 3300 बिल ठीक कराए हैं।
एक दिन में 100 से अधिक शिकायतें
टीएचए सर्किल के चारों डिवीजनों में एक दिन में ही बिल में गड़बड़ी की 100 से अधिक शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचती हैं। कुछ दिन पूर्व लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ही दिन में 250 से अधिक ऐसी शिकायत लोगों ने दर्ज कराईं थीं।
इनमें अभी तक कई शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि सभी डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं को बिल संबंधी समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
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असल में महिला का 70 हजार रुपये का बिल आया था, जिसका वह पार्ट में भुगतान कर रही थी। मात्र 15 हजार रुपये बाकी थे, जिन्हें वह माफ कराना चाह रही थीं। लेकिन अफसरों ने उससे बदसलूकी कर दी। इससे उसे हार्ट अटैक हो गया।
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उधर, बिजली अधिकारियों पर महिला की मौत का आरोप लगाते हुए लोगों ने नारेबाजी कर धरना दिया। भीड़ को उग्र होता देख कर्मचारी सबस्टेशन से भाग गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं मानें। बाद में सब स्टेशन पहुंचे अधिशासी अभियंता के आश्वासन पर ढाई घंटे बाद लोग शांत हुए।
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महाराजपुर निवासी अकबरी (70) सोमवार को बेटे के साथ बिजली का बिल जमा कराने वसुंधरा सेक्टर-10 सबस्टेशन पहुंची थीं। करीब 15 हजार रुपये का बिल उन पर बकाया था।
उन्होंने अधिकारियों से बिल माफ करने की बात रखी, लेकिन पूरा भुगतान करने के लिए कहा गया। साथ ही बिल जमा नहीं करने पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की बात भी कही।
महिला का करीब 70 हजार रुपये बिल था और दो बार आंशिक बिल जमा करा चुकी थीं। लोगों ने बताया कि वह बार-बार बिल माफ करने की गुहार लगा रही थी।
जब अधिकारियों ने बिल माफ करने से मना किया तो महिला चक्कर खाकर गिर गई। इससे घबराए अधिकारियों ने बुजुर्ग महिला को पास के निजी अस्पताल भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने उसे जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना का पता चलते ही महाराजपुर के लोग दोपहर 12 बजे सबस्टेशन पहुंचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस की तीन पीसीआर पहुंचीं।
चौकी इंचार्ज राजीव बालियान ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद अधिशासी अभियंता हरीश बंसल ने लोगों को समझाया और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों के सामने रखकर जल्द पूरा करने आश्वासन दिया।
इस पर लोग लौट गए। धरना देने वालों में फरमान अली, हसीन, रबीना, गुल्लो, शीना, परवीन, जावेद, सलमान, आदि लोग रहे।
लोगों का आरोप
गांव निवासी हाजी आरिफ का आरोप है कि वह बिल माफ कराने गई थी, लेकिन अधिकारियों ने बिल के साथ जुर्माना जमा करने को कहा, न जमा कराने पर पुलिस के हवाले करने की बात कही और बदसलूकी की।
इससे उसे हार्ट अटैक आ गया। अब बुजुर्ग महिला का बिजली बिल माफ किया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। बिजली विभाग द्वारा दर्ज शिकायतों को भी खत्म किया जाए। मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन शुरू करेंगे।
जानबूझकर की जाती है बिलों में गड़बड़ी
गाजियाबाद। गलत बिजली बिल भेजने और उसे ठीक करने के लिए पावर कारपोरेशन में एक गिरोह काम कर रहा है। यह सब जानबूझकर किया जाता है।
बिना सुविधा शुल्क दिए या किसी उच्चाधिकारी के हस्तक्षेप के बिल ठीक कराना संभव नहीं है। मंगलवार को लालकुआं क्षेत्र के एक विकलांग उपभोक्ता ने एसई ने शिकायत की थी।
एसई एसबी यादव ने एसडीओ को तलब किया था। अमर उजाला ने पिछले दिनों समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कई उपभोक्ताओं को लाखों के बिल मिले थे।
एसई एसबी यादव के अनुसार एक माह में प्रथम सर्किल में 2800, द्वितीय (टीएचए क्षेत्र) में 1600 और तृतीय सर्किल (लोनी क्षेत्र) में 3300 बिल ठीक कराए हैं।
एक दिन में 100 से अधिक शिकायतें
टीएचए सर्किल के चारों डिवीजनों में एक दिन में ही बिल में गड़बड़ी की 100 से अधिक शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचती हैं। कुछ दिन पूर्व लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ही दिन में 250 से अधिक ऐसी शिकायत लोगों ने दर्ज कराईं थीं।
इनमें अभी तक कई शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि सभी डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं को बिल संबंधी समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।