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स्वास्थ्य पर चर्चा: डायबिटीज के साथ मोटापे की समस्या, खाना भूख से कम खाएं, मीठा कम लें; जानें क्या बोले डॉक्टर

Sat, 02 Aug 2025 08:42 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 02 Aug 2025 08:42 AM IST
सार

उत्तर पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में शुक्रवार को मोटापे के विषय पर आयोजित स्वास्थ्य चर्चा में विशेषज्ञों ने दी। ओपीडी में हर हफ्ते ऐसे करीब 200 नए मरीज हैं, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं।उत्तर पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में शुक्रवार को मोटापे के विषय पर आयोजित स्वास्थ्य चर्चा में विशेषज्ञों ने दी। ओपीडी में हर हफ्ते ऐसे करीब 200 नए मरीज हैं, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं।

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70 percent of diabetes patients are struggling with problem of obesity
Overweight Woman - फोटो : freepik

विस्तार

डायबिटीज के 70 फीसदी मरीज मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में हर हफ्ते ऐसे करीब 200 नए मरीज सामने आ रहे हैं।  यह जानकारी गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में शुक्रवार को मोटापे के विषय पर आयोजित स्वास्थ्य चर्चा में विशेषज्ञों ने दी। साथ ही मोटापे से होने वाली बीमारियों और उसके इलाज के बारे में भी बताया। 

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अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. निशांत रायजादा ने बताया कि मोटापे की समस्या से जूझने वाले 60-70 फीसदी मरीज डायबिटीज की बीमारी से परेशान हैं। मोटापा होने पर डायबिटीज की बीमारी होने की आशंका अधिक हो जाती है। साथ ही हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अस्पताल में डायबिटीज के मरीजों के उपचार के लिए अलग से सेंटर बना है। अस्पताल की ओपीडी में हर हफ्ते करीब 200 नए मरीज आते हैं जिनको डायबिटीज के साथ मोटापे की समस्या होती है।
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खाना भूख से कम खाएं, मीठा कम लें
डॉ. निशांत ने बताया कि मोटापे की समस्या से बचने के लिए शारीरिक तौर पर सक्रिय रहना बेहद आवश्यक है। इसके लिए नियमित तौर पर शारीरिक अभ्यास करें। तली-भुनी चीजों का सेवन न करें। खाना भूख से कम खाएं। मीठा कम लें। फल खूब खाएं। पांच-छह साल के बच्चों को शुगर से जुड़े उत्पाद खाने के लिए न दें। 
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खाने के समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें : स्वास्थ्य चर्चा में आयुर्वेद विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना पंत ने मोटापे से बचाव के संबंध में आयुर्वेद के जरिये सेहत और तंदरुस्ती पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किसको क्या खाना है क्या नहीं यह वात, पित्त और कफ दोष पर निर्भर करता है। इन दोष के असंतुलन से बीमारियां होती हैं। यह दोष शरीर के सभी कार्यों को नियंत्रित करते हैं। खाने के समय मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। 


ऐसे जानें मोटापे को
डॉ. निशांत ने कहा कि वैश्विक तौर पर जिसका बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) 30 से ज्यादा है उसे मोटा माना जाता है लेकिन अपने देश में इसका मानक 25 है। इसकी वजह शरीर में फैट का अधिक होना है। बीएमआई की गणना अपने वजन को किलोग्राम में अपनी ऊंचाई के वर्ग से विभाजित करके की जाती है। इसके अलावा पुरुष के पेट का व्यास 90 सेंटीमीटर और महिला के पेट का व्यास 80 सेंटीमीटर से अधिक हो तो उसे भी मोटा माना जाता है।

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