धोखाधड़ी का शिकार हुआ पेटीएम, अब सीबीआई करेगी पेमेंट में घपलेबाजी की जांच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के बाद से सुर्खियों में आई डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम अब विवादों में आ गई है। कंपनी ने 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है जिसकी जांच सीधे सीबीआई कर रही है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सवाल खड़ा किया है कि आखिर धोखाधड़ी का मामला इतना गंभीर कैसे हो गया कि इसकी जांच के लिए सीबीआई जैसी बड़ी संस्था को काम पर लगाना पड़ा।
हालांकि केजरीवाल ने इस मामले में प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए कहा है कि जब पीएम खुद ही पेटीएम के एड में आ गए हैं तो सीबीआई उनकी उस कंपनी की बात मानने से कैसे इनकार कर सकती है।
क्या है पूरा मामला
असल में डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम ने 15 ग्राहकों के खिलाफ 6 लाख 15 हजार रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की है। सीबीआई ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
जबकि आमतौर पर सीबीआई ऐसे मामलों में केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट या किसी हाईकोर्ट के ऑर्डर पर ही केस दर्ज करती है। लेकिन पेटीएम के मामले में ऐसा नहीं हुआ।
हालांकि इस बारे में सफाई देते हुए सीबीआई ने कहा है कि वो दिल्ली क्षेत्र में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर सकती है जिसमें व्यक्तिगत मुकदमे भी शामिल हो सकते हैं।
ऐसे हुई पेटीएम के साथ धोखाधड़ी
कंपनी के मुताबिक साल 2014 से 2016 के बीच कंपनी ने 48 ग्राहकों को सामान की डिलीवरी की लेकिन बदले में कंपनी को भुगतान नहीं मिला। असल में ग्राहकों ने सामान मिलने के बाद प्रोडक्ट के ख्रराब होने की शिकायत की और रिफंड मांग लिया।
रिफंड के बावजूद ग्राहकों ने सामान वापस नहीं किया और न हीं बाद में रकम वापस की। इस तरह कुल 48 ग्राहकों ने कंपनी को 6 लाख 15 हजार रुपये का चूना लगाया।
15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पेटीएम की शिकायत के बाद सीबीआई ने साउथ दिल्ली के कालकाजी, गोविंदपुरी और साकेत में रहने वाले 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस मामले में पेटीएम की पेरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशन के कुछ कर्मचारियों पर भी केस दर्ज किया गया है।
पेटीएम यूजर्स की संख्या दस करोड़ के पार पहुंची
नोटबंदी के बाद से ही डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम विरोधियों के निशाने पर रही है. पहले कंपनी के विज्ञापन में पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर सवाल उठे और उसके बाद कंपनी को हो रहे मुनाफे को लेकर. आपको दें कि नोटबंदी के बाद से पेटीएम का कारोबार कई गुना बढ़ चुका है और इसके यूजर्स की संख्या दस करोड़ के पार पहुंच गई है.