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सिर्फ एक शहर में 500 शादियों पर पड़ा नोटों के बैन का असर, चौंका सकते हैं पूरे देश के आंकड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 10 Nov 2016 09:32 AM IST
सार
शादियों के जश्न में नोटों ने डाली विघ्न
देवउठानी एकादशी से शुरू हो जाएंगी शादियां
11 नवंबर को 500 से ज्यादा शादियां
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
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- फोटो : Getty Images
विस्तार
500 और 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी के फैसले का असर शादियों के सीजन पर पड़ना तय माना जा रहा है। सबसे अधिक असर दो दिन बाद देवउठानी एकादशी से शुरू होने जा रहे शादियों के मुहूर्त पर दिखाई देने लगा है।
खुशी के माहौल में लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। बड़े नोट पर लगी रोक के बाद शादी वाले घरों में तैयारियां छोड़ 100 रुपये के नोट जुटाने का इंतजाम हो रहा है। वहीं, नगद से ज्यादा उधारी पर जोर दिया जा रहा है।
बता दें दो दिन बाद यानि 11 नवंबर को देवउठानी एकादशी है। इस दिन हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। इस बार इस दिन जिले में 500 से ज्यादा शादियां हैं। लोगों ने हलवाई, टेंट वाले आदि को देने के लिए नरग घर पर रखा है लेकिन मोदी नीति के चलते यह पैसा अब लेन-देन के काम का नहीं है।
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ऐसे में लोग बैंक जाकर भी बदलवाते हैं तो सिर्फ 4 हजार रुपये ही बदलवा सकेंगे। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। नकदी होने के बावजूद अब उनके सामने नकदी ही सबसे बड़ी समस्या बन कर खड़ी हो गई है।
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खुशी के माहौल में लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। बड़े नोट पर लगी रोक के बाद शादी वाले घरों में तैयारियां छोड़ 100 रुपये के नोट जुटाने का इंतजाम हो रहा है। वहीं, नगद से ज्यादा उधारी पर जोर दिया जा रहा है।
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बता दें दो दिन बाद यानि 11 नवंबर को देवउठानी एकादशी है। इस दिन हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। इस बार इस दिन जिले में 500 से ज्यादा शादियां हैं। लोगों ने हलवाई, टेंट वाले आदि को देने के लिए नरग घर पर रखा है लेकिन मोदी नीति के चलते यह पैसा अब लेन-देन के काम का नहीं है।
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ऐसे में लोग बैंक जाकर भी बदलवाते हैं तो सिर्फ 4 हजार रुपये ही बदलवा सकेंगे। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। नकदी होने के बावजूद अब उनके सामने नकदी ही सबसे बड़ी समस्या बन कर खड़ी हो गई है।
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देवउठानी एकादशी से शुरू हो जाएंगी शादियां
11 नवंबर को ऊंचा गांव निवासी अरुण धनखड़ के बड़े भाई अमित की शादी है। उन्होंने टेंट और कैटरिंग की बुकिंग पहले से करवाई है। लेकिन शादी के बाद टेंट और कैटरिंग करने वाले लोग उनसे कैश मांगेंगे तो वह कैसे देंगे। यह चिंता उन्हें परेशान कर रही है।
अरुण का कहना है कि शादी में हलवाई समय-समय पर छोटी-छोटी चीज मंगवाता है। अब वे मार्केट जाते हैं तो दुकानदार 500 रुपये नहीं ले रहे। इतने 100 रुपये के नोट भी घर में नहीं हैं। ऐसी परेशानी सेक्टर 3 निवासी संजीव दीक्षित और सेक्टर 55 निवासी सुभाष त्यागी के घर पर भी है।
उन्हें शादी के दौरान अन्य सामान की खरीदारी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग 500 और 1000 रुपये के नोटों को ठिकाने लगा कर 100-100 रुपये के नोटों का इंतजाम करने का प्रयास कर रहेे हैं।
अरुण का कहना है कि शादी में हलवाई समय-समय पर छोटी-छोटी चीज मंगवाता है। अब वे मार्केट जाते हैं तो दुकानदार 500 रुपये नहीं ले रहे। इतने 100 रुपये के नोट भी घर में नहीं हैं। ऐसी परेशानी सेक्टर 3 निवासी संजीव दीक्षित और सेक्टर 55 निवासी सुभाष त्यागी के घर पर भी है।
उन्हें शादी के दौरान अन्य सामान की खरीदारी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग 500 और 1000 रुपये के नोटों को ठिकाने लगा कर 100-100 रुपये के नोटों का इंतजाम करने का प्रयास कर रहेे हैं।