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फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए नौकरी के नाम पर 500 लोगों को ठगा, 5 गिरफ्तार

Wed, 28 Mar 2018 09:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 28 Mar 2018 09:29 AM IST
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500 people were duped in the name of job through fraudulent placement agency, 5 arrested

फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चलाकर 500 से ज्यादा लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक कॉल सेंटर का थाना सेक्टर-58 पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। संचालक समेत सात कर्मचारी अब भी फरार हैं। इसमें युवतियां भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को सात लैपटॉप, 12 मोबाइल और 50 हजार लोगों का डाटा बरामद हुआ है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साईंनाथ अपार्टमेंट रोहिणी दिल्ली निवासी विनय, अलीगढ़ निवासी नितिन, लक्ष्मी नगर दिल्ली निवासी सौरव, निशांत सिंहा और करनाल हरियाणा निवासी संदीप के रूप में हुई है। विनय फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी में बिजनेस पार्टनर हैं। नितिन यहां मैनेजर है। तीन अन्य आरोपी कॉलिंग करते थे। फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक इंदिरापुरम निवासी स्वाधीन सिंह और एकता शर्मा हैं, जो फरार हैं।
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थाना सेक्टर-58 प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप ने बताया कि 27 मार्च की सुबह मुंबई निवासी सुनील चिटनिस ने सूचना दी थी कि स्किल विकास नाम से चलने वाली प्लेसमेंट एजेंसी ने उनसे 60 हजार रुपये ठगे हैं। उसने एक माह पहले एक नामी जॉब पोर्टल पर नौकरी की तलाश के लिए अपना रेज्यूम अपलोड किया था। आरोपियों ने नौकरी के लिए सुनील चिटनिस से सवा लाख रुपये की मांग की थी। अब तक नौकरी न मिलने पर सोमवार को वह प्लेसमेंट एजेंसी के ऑफिस पहुंचा। काफी तलाशने के बाद भी उसे ऑफिस नहीं मिला। इसके बाद उसने थाना सेक्टर-58 पुलिस से शिकायत की। थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मंगलवार को सेक्टर-60 बी-12 स्थित फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी पर छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी लगभग छह माह से चल रही थी। 

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ऐसे लेते थे झांसे में

500 people were duped in the name of job through fraudulent placement agency, 5 arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर

आरोपी अपनी वेबसाइट बनाकर और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन कर झांसे में लेते थे। झांसे में आने के बाद ये लोग आवेदक से अलग-अलग बहाने से मोटी रकम वसूल लेते थे। इसके लिए ये लोग नामी जॉब पोर्टल से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डाटा चोरी करते थे। पुलिस को इनके एक दर्जन से ज्यादा बैंक खातों की भी जानकारी मिली है, जिसमें ये लोग पीड़ितों से रुपये ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने सभी खातों को फ्रीज करा बैंक से उनका विस्तृत ब्योरा मांगा है।

एक हजार में मिलता था 10 हजार लोगों का डाटा
देश में तेजी से बढ़ रही डाटा चोरी की वारदातें चिंताजनक हैं। हमारा गोपनीय डाटा बेहद कम कीमत पर और आसानी से उपलब्ध है। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लोग नामी जॉब पोर्टल से एक हजार रुपये में दस हजार लोगों का गोपनीय डाटा लेते थे। एक दिन में ये लोग लगभग 800 लोगों को नौकरी के लिए फोन करते थे।

पुलिस को की घूस की पेशकश
बताया जा रहा है कि कॉल सेंटर पर छापा पड़ने के बाद संचालकों ने पुलिस से बचने के लिए घूस तक की पेशकश की। संचालक ने कुछ लोगों को थाने भेजा था। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह से घूस लेकर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया। इस पर थाना प्रभारी ने उन्हें भी हवालात में डाल दिया।

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