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शहर में चल रहे 500 अवैध गेस्ट हाउस और होटल होंगे बंद, दूसरी बार पकड़े जाने पर आवंटन निरस्त करेगा प्राधिकरण

Sun, 06 Dec 2020 12:26 PM IST
प्राची प्रियम सुशील पांडेय, नोएडा
सुशील पांडेय, नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 06 Dec 2020 12:26 PM IST
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500 illegal guest houses and hotels to be closed in Greater Noida
सांकेतिक तस्वीर
शहर में अवैध तरीके से चल रहे करीब 500 गेस्ट हाउस और होटलों पर ताला लगेगा। आवासीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियां चलाने पर प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। बीते बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पास हो गया है। प्रस्ताव के तहत पहली बार अवैध तरीके से गेस्ट हाउस या होटल संचालित करते पकड़े जाने पर आवंटी को सेक्टर रेट का एक प्रतिशत जुर्माना वहन करना होगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। 
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नोएडा प्राधिकरण को आवासीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना मिलती रही है। सूचना के बाद प्राधिकरण की तरफ से संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाता था। जब उक्त व्यक्ति ऐसे काम को बंद कर देता था तो प्राधिकरण नोटिस वापस ले लेता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। 
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घरों में खुल गए हैं गेस्ट हाउस और होटल
शहर के कई सेक्टरों में घरों में गेस्ट हाउस खोलकर कमाई की जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसमें भी कई प्रकार से काम किया जा रहा है। कहीं-कहीं बिना बोर्ड लगाए गेस्ट हाउस संचालित किए जाते हैं। वहीं कुछ स्थानों पर नाम और बैनर लगाकर बाकायदा होटल चलाया जा रहा है। इन सब पर कार्रवाई होगी।
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पीजी पर कार्रवाई हुई तो जाएंगे कोर्ट
शहर में पेइंग गेस्ट (पीजी) का भी खूब चलन है। लोगों ने इसे व्यवसाय के तौर पर अपना लिया है। शहर में इनकी संख्या हजारों में है। इसमें एक इमारत में पढ़ने लिखने वाले युवाओं के अलावा कामकाजी लोगों के लिए एक कमरा मासिक शुल्क पर दिया जाता है। पीजी चलाने के लिए भी लोगों ने कई घरों को किराये पर लिया है। 

 

कई घर तो पीजी चलाने के लिए ही बनाए गए हैं। हालांकि पेइंग गेस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विशेष त्यागी का कहना है कि पीजी का व्यवसाय अवैध तरीके से संचालन में नहीं आता है। इस बारे में उन लोगों ने कोर्ट से स्टे भी लिया है। अगर प्राधिकरण कार्रवाई करता है तो वह कोर्ट जाएंगे।

पांच फीसदी आबादी के विकसित भूखंड पर भी चल रहा व्यापार
प्राधिकरण ने किसानों से जमीन ली। इसके बाद बदले में मुआवजे के अलावा 5 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट आवास के लिए दिए। लेकिन प्राधिकरण के संज्ञान में है कि इनमें से कई स्थानों पर ऐसे प्लॉट पर दुकान आदि बना लिए गए हैं। यह दुकान किराए पर दिए गए हैं और इससे मोटी कमाई होती है। इन पर भी प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। 

सेक्टरों में भी घर में चल रही दुकान
शहर के कई सेक्टरों में लोगों ने घरों में दुकानें खोल रखी हैं। जबकि नियम के मुताबिक वह ऐसा नहीं कर सकते। प्राधिकरण के बोर्ड में जिस प्रस्ताव पर मुहर लगी है। उस आधार पर इन दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 

बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद सहम गए हैं संचालक
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद आवासीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियां कर रहे लोग सहम गए हैं। इसमें प्लॉट के आवंटी ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण ने अगर कार्रवाई की तो किरायेदार को कुछ भी नहीं होगा बल्कि उनको नुकसान होगा। ऐसे में अब उन्हें यह नहीं समझ आ रहा है कि वह इस व्यवसाय को चलते रहने दें या फिर बंद कर दें।
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