करीम के कैफे में काला धंधा: पैरों की उंगलियों के प्रिंट लेकर बनाए 500 फर्जी आधार, आकाश-अनुराग व चिंटू गिरफ्तार
पुलिस को जांच में आरोपियों के फर्जी कागजात से खोले गए 40 बैंक खातों का पता लगा है। आरोपी फर्जी कागजात के साथ सिम कार्ड भी देते थे। आरोपियों के पास से आदर्श नगर के विधायक पवन शर्मा की फर्जी मुहर बरामद की गई है।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पैरों की उंगलियों के फिंगर प्रिंट लेकर फर्जी कागजात बनाता था। गिरोह फर्जी कागजात बनाकर खुद भी जालसाजी करता था, साथ ही दूसरे जालसाज को पांच से सात हजार रुपये में फर्जी कागजात बेचता भी था।
अपराध शाखा ने गिरोह के तीन बदमाशों रोहित उर्फ आकाश, अनुराग और पिंटू को रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरोह को पिछले डेढ़ वर्ष से चला रहे थे। ये 500 से ज्यादा लोगों के फर्जी आधार कार्ड बना चुके हैं।
पुलिस को जांच में आरोपियों के फर्जी कागजात से खोले गए 40 बैंक खातों का पता लगा है। आरोपी फर्जी कागजात के साथ सिम कार्ड भी देते थे। आरोपियों के पास से आदर्श नगर के विधायक पवन शर्मा की फर्जी मुहर बरामद की गई है। ये विधायक की मुहर से भी फर्जी कागजात बनाने में इस्तेमाल करते थे।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, शाखा में तैनात इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम को सूचना मिली थी कि जहांगीरपुरी के ए ब्लॉक स्थित साइबर कैफे में फर्जी कागजात बनाने वाला गिरोह चल रहा है। गिरोह के लोग पैन, आधार, वोटर कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनाते हैं।
सूचना के बाद एसीपी विवेक त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश मलिक, एएसआई ब्रह्म देव व अन्य की टीम गठित की गई। नकली ग्राहक बनाकर एक पुलिसकर्मी को कैफे में भेजा गया। आरोपियों ने नकली ग्राहक का पैन व आधार कार्ड बना दिया। नकली ग्राहक को एक सिम कार्ड भी दिया गया। ये फर्जी कागजात से बनाए गए थे।
इस पर टीम ने साइबर कैफे में दबिश देकर तीन आरोपियों मुकुंदपुर निवासी रोहित उर्फ आकाश, वजीराबाद गांव निवासी पिंटू और बापरौला निवासी अनुराग को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कैफे मालिक मोहम्मद करीम व एक अन्य की पहचान कर ली है। दोनों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। पिंटू टेलीकॉम कंपनी में काम करता है। वह सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।
आरोपियों के कब्जे से बरामद फर्जी कागजात में से सात पैन कार्ड, नौ आधार कार्ड व दो वोटर कार्ड अलग-अलग नामों से बने हुए थे, लेकिन सभी पर फोटो एक ही व्यक्ति का था। बाद में पता लगा कि फोटो कैफे मालिक मोहम्मद करीम का है। मो. करीम के बाद रोहित कैफे को संभालता था।
बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही पुलिस
अपराध शाखा को जांच में पता लगा कि आरोपी आधार व पैन कार्ड आदि नहीं रखने वाले लोगों के नाम व पते का इस्तेमाल फर्जी कागजात बनाने में करते थे। ज्यादातर मामलों में देखने आया है कि ये पैरों की उंगलियों के फिंगर प्रिंट फर्जी कागजात बनाने के लिए इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने इनके बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है।
बरामद किया गया सामान
27 फर्जी आधार कार्ड, 34 पैन कार्ड, चार वोटर कार्ड, 15 लाइसेंस के लिए ब्लैंक स्लीप कार्ड, 15 मोबाइल, दो लैपटॉप, सात डेबिट कार्ड, विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के 48 सिम कार्ड, आदर्श नगर के विधायक पवन शर्मा की मुहर, एक फिंगरप्रिंट डिवाइस, आंखों का स्कैनर, एक लेमिनेशन, एक यूएसबी कैमरा और एक रंगीन प्रिंटर।
फर्जी कागजात से लोन भी लेते थे
आरोपी फर्जी कागजात बनाने के साथ-साथ खुद भी जालसाजी करते थे। ये फर्जी कागजात से इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद लेते थे और लोन भी लेते थे। बैंक खाते इन्होंने फर्जी कागजातों से खोले हुए थे।