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गृह मंत्रालय के चलते मोदी ज्ञान नहीं ले पाए ये बच्चे

Fri, 05 Sep 2014 05:14 PM IST
Updated Fri, 05 Sep 2014 05:14 PM IST
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500 children forced to miss school in delhi.

एक ओर जहां पूरे देश में शिक्षक दिवस को गुरू उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं राजधानी के सैकडों बच्चों को स्कूल जाने तक से महरूम कर दिया गया है।

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डेली मेल के मुताबिक सीआईएसएफ कर्मचारियों के करीब 500 बच्चे पिछले सोमवार से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गौरतलब है कि एमएचआरडी ने सभी स्कूलों को प्रधानमंत्री मोदी का भाषण बच्चों के लिए लाइव सुनने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
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इस निर्देश के बावजूद इन बच्चों के लिए के आज का दिन भी सामान्य दिनों की ही तरह बितेगा क्योंकि उन्हें स्कूल जाने की पुरानी व्यवस्था को सरकार के ही एक आदेश के बाद छीन लिया गया है।
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सीआईएफ कर्मचारी पिछले दो दिनों से सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। महिला कर्मचारी भी इसके विरोध में सड़क पर आ गईं।

इस समस्या की मूल जड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय का वह ओदश है जिसमें सीआईएसएफ की कार्य अवधि को 12 से घटकाकर आठ घंटे कर दिया गया है।

बिना बताए छीन ली गई यह सुविधा

500 children forced to miss school in delhi.

इस फैसले के बाद सीआईएसएफ कर्मचारियों को एयरपोर्ट तक लाने-ले जाने के लिए अब ज्यादा बसों की जरूरत है। यही कारण है ‌कि उनके बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाली बसों को भी इसी सेवा में लगा दिया गया है। सीआईएसएफ के पास इसके अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।

सूत्रों के अनुसार सोमवार से ही सीआईएसएफ कर्मचारियों के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। दक्षिणी पश्चिम दिल्ली की पांच बसें  बिना किसी पूर्व सूचना के हटा ली गईं हैं।

सीआईएसएफ डायरेक्टर जनरल अरविंद रंजन ने कहा कि स्टाफ के लोगों के लिए बस की सुविधा विभाग द्वारा ऐच्छिक तौर पर दी जाती है। इसके लिए कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। ऐसे में अगर बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं तो इसके लिए उनके पेरेंट्स ही जिम्मेदार हैं।

हालांकि सीआईएसएफ द्वारा बच्चों को स्कूल पहुंचाने के‌ लिए बस की सुविधा 2005 से दी जा रही है। ऐसे में बिना किसी पूर्व सूचना के इन बसों को हटाया जाना कितना सही है यह कहना मुश्किल है।

फैसले के विरोध में सड़क पर उतरीं महिलाएं

500 children forced to miss school in delhi.

सीआईएसएफ कॉलोनी में ही रहने वाली एक महिला का कहना है कि एमएचए ने बिना सोचे समझे सीआईएसएफ की शिफ्ट को दो की जगह तीन में बदल दिया। इस बदलाव की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाली बसों को उस सेवा से अचानक हटा लिया गया, जिसके चलते यह समस्या खड़ी हुई है।

इतना ही नहीं इस परेशानी का सामना करनी वाली कुछ माओं ने गुरुवार को सीआईएसएफ गेट पर प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन के चलते एयरपोर्ट की ड्यूटी पर लगे सुरक्षा बल दो घंटे देर से अपने काम पर पहुंच सके।

देखना होगा कि मोदी के भाषण से वंचित रह जाने वाले इन बच्चों को कब तक स्कूल जाने से भी वंचित रहना पड़ेगा।

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