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राज्य के 50 हजार उद्योगों को राहत जल्द
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 15 Apr 2016 09:00 AM IST
सार
- गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रहे सूक्ष्म-लघु उद्योगों को राहत के संकेत
- 70 फीसदी से अधिक इकाइयों वाले पॉकेट किए जाएंगे नियमित
- फरीदाबाद में सबसे ज्यादा सूक्ष्म-लघु उद्योग गैर अधिसूचित क्षेत्र में
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रहे राज्य के 50 हजार से ज्यादा लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को जल्द राहत मिल सकती है। सरकार ने इसके संकेत दे दिए हैं। इस तरह के क्षेत्र में चल रही इकाइयों को नियमित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंजूरी की मुहर लगा दी है।
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माना जा रहा है कि बहुत जल्द इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) को उन पॉकेट्स में मंजूरी दी जाएगी, जहां उद्योगों की संख्या 70 फीसदी से अधिक होगी।
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लंबे समय से गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रही इकाइयों को नियमित करने की मांग उठ रही है। मैनुफेक्चरिंग का हब कहे जाने वाले फरीदाबाद में ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां करीब 20 हजार उद्योग गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रहे हैं। जबकि गुड़गांव में इस तरह की 7 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां बताई जाती हैं।
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अंबाला, जगाधरी, सोनीपत, पानीपत, यमुनानगर सहित पूरे राज्य में 50 हजार से ज्यादा इकाइयां गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रही औद्योगिक इकाइयों का सर्वे हो गया है। इसका फाइनल ड्राफ्ट बनाकर सरकार कैबिनेट के समक्ष रखा जा चुका है। सैद्धांतिक सहमति लगभग मिल गई है।
बहुत जल्द इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। हालांकि, सरकार ने इसमें कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इनमें गैर अधिसूचित क्षेत्र में 70 फीसदी इकाइयों की अनिवार्यता को भी जोड़ा है।
बुधवार को गुड़गांव स्थित एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीयल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन) में इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह, एचएसआईआईटीसी के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल, डायरेक्टर दीपक जैन की मौजूदगी में औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधियों कीे बैठक हुई। इसमें लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने गैर अधिसूचित क्षेत्र का मुद्दा उठाया। प्रधान सचिव ने बहुत जल्द अधिसूचना जारी होने की बात कही।
गैर अधिसूचित क्षेत्र में चल रही औद्योगिक इकाइयों का सर्वे हो चुका है। इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो गया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाना है। - दीपक जैन, निदेशक (स्वतंत्र), एचएसआईडीसी
गैर अधिसूचित क्षेत्र का मुद्दा बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे हजारों उद्योग और लाखों लोगों का रोजगार चल रहा है। हम लगातार इस मामले को उठा रहे हैं।- रविभूषण खत्री, महासचिव, लघु उद्योग भारती
फरीदाबाद में 31 पॉकेट्स चिह्नित
सीएलएयू की मांग ने जोर पकड़ा तो सरकार ने ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कराने के निर्देश दिए जहां सूक्ष्म-लघु इकाइयां चल रही हैं। लघु उद्योग भारती के सहयोग से चीफ टाउन प्लानर ने सर्वे कर 31 पॉकेट चिह्नित किए जो नॉन कंफर्मिंग एरिया की श्रेणी में आते हैं। फरीदाबाद में ही 12 हजार से ज्यादा इकाइयों को चिह्नित किया जा चुका है। इस रिपोर्ट को मॉडल मानकर पूरे प्रदेश में सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके आधार पर ड्राफ्ट तैयार किया गया।