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प्रदूषण की मार: दिल्ली में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से करना होगा काम, सरकार ने ग्रेप-3 के तहत उठाया सख्त कदम

Tue, 25 Nov 2025 04:28 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 25 Nov 2025 04:28 AM IST
सार

दिल्ली में हर सर्दियों की तरह इस बार भी हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक लगातार मानकों से ऊपर दर्ज किए जा रहे हैं। लिहाजा, सरकार ने दफ्तर आने-जाने वाली यात्रा को आधा करने का फैसला लिया है। सरकारी दफ्तरों में सभी विभागाध्यक्ष और प्रशासनिक सचिव नियमित रूप से आएंगे, लेकिन विभाग में अधिकतम 50 फीसदी स्टाफ ही आएगा। 

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50 percent of employees in Delhi will have to work from home
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अपने और निजी प्रतिष्ठान के कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने का नियम लागू कर दिया है। बाकी के कर्मचारी घर से करेंगे। इस संबंध में पर्यावरण विभाग की तरफ से सोमवार को जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का तीसरा चरण लागू है।

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आदेश के अनुसार, दिल्ली में हर सर्दियों की तरह इस बार भी हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक लगातार मानकों से ऊपर दर्ज किए जा रहे हैं। लिहाजा, सरकार ने दफ्तर आने-जाने वाली यात्रा को आधा करने का फैसला लिया है। सरकारी दफ्तरों में सभी विभागाध्यक्ष और प्रशासनिक सचिव नियमित रूप से आएंगे, लेकिन विभाग में अधिकतम 50 फीसदी स्टाफ ही आएगा। हालांकि, जरूरी और आपातकालीन सेवाओं के लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए जा सकते हैं।

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निजी दफ्तरों पर भी सख्ती
दिल्ली के सभी निजी दफ्तरों को भी 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना अनिवार्य होगा। आदेश में कहा गया है कि काम करने का समय चरणबद्ध किया जाए। इसका पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट, डीसीपी को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। आपातकालीन सेवाओं को इससे बाहर रखा है। इनमें अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं, फायर सर्विस, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, सफाई, आपदा प्रबंधन शामिल हैं।

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गाजियाबाद-नोएडा की हवा भी जहरीली
एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 397 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में एक्यूआई 396, ग्रेटर नोएडा में 382, गुरुग्राम में एक्यूआई 286 रहा। वहीं हापुड़ में एक्यूआई 416 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी है।

दिल्ली में 15 केंद्रों पर 400 के पार दर्ज हुआ एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता 11 दिनों से बहुत खराब श्रेणी नें बनी हुई है। सोमवार को दिल्ली के 15 निगरानी केंद्रों पर 400 से ऊपर एक्यूआई दर्ज किया गया। हालांकि, आैसत एक्यूआई 382 रहा।

आसमान में ज्वालामुखी की राख के बादल
इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी से राख का गुबार दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रहा है। इससे हालात बिगड़ सकते हैं। राख का यह गुबार गुजरात के तट तक पहुंच चुका है। ज्वालामुखी करीब 10 हजार साल बाद फटा है।

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