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सपा-बसपा तो हुए फेल, क्या इन 5 प्रोजेक्ट को पूरा कर सीएम योगी कराएंगे भाजपा को पास

Sun, 26 Mar 2017 07:59 PM IST
सौम्य मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा
सौम्य मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 26 Mar 2017 07:59 PM IST
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5 important projects in noida remained incomplete during sp and bsp regime
नोएडा - फोटो : SELF

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए पिछली सरकारें पांच बड़ी परियोजनाएं पूरी नहीं कर सकीं। बसपा सरकार के समय नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शुरू की गई दो बड़े अस्पतालों की परियोजना को सपा सरकार ने बदल दिया।

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वहीं, जेवर एयरपोर्ट, नाइट सफारी और एससी-एसटी छात्रावास जैसी अहम परियोजनाएं भी सपा सरकार में जिले को नहीं मिल सकीं। केंद्र से लेकर प्रदेश तक में अब भाजपा की सरकार है।
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गौतमबुद्ध नगर में भाजपा के सांसद और केंद्र में मंत्री भी हैं और तीनों विधायक भी भाजपा से हैं। अब इन परियोजनाओं की सौगात लोगों को देकर पास होने की भाजपा की बारी हैै। पेश है सौम्य मिश्र की रिपोर्ट...

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नाइट सफारी

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नाइट सफारी - फोटो : प्रतीकात्मक च‌ित्र

करीब 1000 करोड़ रुपये की 102 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित नाइट सफारी का जो प्लान तैयार हुआ था, उसके मुताबिक विश्व स्तर पर यह सफारी सिंगापुर के बाद भारत का पहला और एशिया में दूसरा स्थान बनाता।

इसका उद्देश्य पर्यावरण और पारिस्थितिकी के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के अलावा ग्रेटर नोएडा में निवासियों के मनोरंजन के लिए एक स्रोत प्रदान करना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना था। परियोजना करीब 12 साल पुरानी है।

बसपा के बाद अखिलेश यादव की सरकार बनी तो भी ज्यादा काम नहीं हुआ। विधायक तेजपाल नागर ने जीतने के बाद कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार का सहयोग लिया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा मेडिकल यूनिवर्सिटी

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दो बड़े अस्पतालों का प्रोजेक्ट बसपा सरकार लेकर आई थी लेकिन सत्ता में आने के बाद समाजवादी पार्टी सरकार ने इसे बदलते हुए जुलाई 2012 में ग्रेटर नोएडा में मेडिकल यूनिवर्सिटी को मंजूरी दी थी।

करीब 760 करोड़ के ग्रेटर नोएडा मेडिकल यूनिवर्सिटी में अकादमिक सत्र कई तारीखों की घोषणा के बाद भी शुरू नहीं हुआ। छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे शहरों और राज्यों में जाना पड़ता है।

चाइल्ड पीजीआई

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चाइल्ड पीजीआई - फोटो : अमर उजाला

बसपा सरकार अपने कार्यकाल में न्यूरो और दिल की बीमारियों के इलाज के लिए सेक्टर -30 में बडे़ अस्पताल का प्रस्ताव लेकर आई थी। 2012 में सपा सरकार ने बसपा सरकार की योजना को पलट दिया और चाइल्ड पीजीआई की तैयार पर बिल्डिंग को विकसित करने का फैसला किया गया।

करीब 700 करोड़ की लागत से चाइल्ड पीजीआई में ओपीडी और भर्ती करने की सुविधा तो शुरू हुई लेकिन कई अहम सुविधाओं से अभी भी महरूम है। वर्ष 2014 के पहले सेशन से इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के लिए डॉक्टरों का एडमिशन शुरू करने की योजना थी।

तीन साल बीत गए लेकिन मेडिकल शिक्षा शुरू नहीं हो सकी। इसी तरह सेक्टर-39 में जिला अस्पताल की निर्माणाधीन बिल्डिंग का काम भी काफी अधूरा है। इसमें एक फ्लोर स्वास्थ्य विभाग को मिलना प्रस्तावित है। नोएडा विधायक पंकज सिंह का कहना है कि बच्चों के साथ महिलाओं का भी इलाज हो, इसके लिए इस अस्पताल को एम्स से जोड़ने का प्रयास होगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट

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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव 2001 में बना था। 2007 में बसपा सरकार में इस पर कागजी कार्य तेज हुआ, सर्वे भी हुआ लेकिन केंद्र से मंजूरी नहीं करने के कारण मामला लटक गया।

सपा सरकार ने शुरू में इस परियोजना से इंकार कर दिया लेकिन जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी और उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ.महेश शर्मा को मिली तो उन्होंने परियोजना को प्राथमिकता दी।

उन्होंने प्रदेश सरकार से जेवर में एयरपोर्ट के लिए हामी भरवाई। जेवर के 35 गांवों की 2500 एकड़ जमीन एयरपोर्ट के लिए यमुना प्राधिकरण ने आरक्षित कर रखी है। इस पर करीब 12000 करोड़ रुपये का खर्च होगा। जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि सबसे पहले जेवर एयरपोर्ट बनवाने का प्रयास किया जाएगा।

एससी-एसटी छात्रावास

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एससीएसटी हॉस्टल - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर- 62 स्थित एससी-एसटी छात्रावास कई साल से बनकर तैयार है लेकिन महिलाओं के लिए खोला नहीं जा रहा। महिला छात्रावास बसपा शासनकाल में ही बनकर तैयार हो गया था।

इसे बनाने में करीब 50 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। छात्रावास में 500 छात्राओं और नौकरीपेशा महिलाओं के रहने का इंतजाम है। इसमें 300 कमरे बने हैं। 2012 में सरकार बदलने के काफी समय तक काम रुका रहा।

इसके बाद दोबारा काम शुरू हुआ। विधायक पंकज सिंह ने कहा कि किसी भी सरकार का प्रोजेक्ट हो लेकिन जनता के पैसे से ही पूरा हुआ है। इसका लाभ सभी तबके के लोगों को दिलाया जाएगा।

गौतमबुद्धनगर जिले के विकास के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच अब तालमेल की कमी नहीं होगी। जितने अधूरे प्रोजेक्ट हैं, उन्हें पूरा कराने का काम किया जाएगा। प्रदेश की कमान सीएम आदित्यनाथ योगी के हाथों में हैं तो केंद्र की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ है। अब विकास के कार्यों में कोई अड़चन नहीं होगी।-डॉ.महेश शर्मा, गौतमबुद्ध नगर के सांसद व केंद्रीय मंत्री

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