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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   5 arrested in Delhi-NCR for manufacturing and smuggling illegal weapons

Delhi NCR News: मुजफ्फरनगर व मेरठ के लिए उपयोगी। दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियार बनाने व तस्करी में 5 गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 08:54 PM IST
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- दिल्ली पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश, मेरठ में बनाते थे असलहे
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- 20 अत्याधुनिक देसी पिस्तौल, 12 कारतूस और मशीनरी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले के स्पेशल स्टाफ ने अवैध हथियारों बनाने व तस्करी के सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मेरठ के कैली गांव में खेतों के बीच अवैध हथियार बनाने की यूनिट चला रहे थे। पकड़े गए सभी आरोपी अवैध हथियार तस्कर शाकिर चौधरी के गुर्गे हैं। शाकिर चौधरी के जेल जाने के बाद ये इस यूनिट को चलाने लगे थे। गिरफ्तार आरोपी हत्या, गैंगस्टर एक्ट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। आरोपियों के पास भारी मात्रा में हथियार बरामद हुआ था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि आरोपी अवैध हथियारों की इस यूनिट को दो-ढाई साल से चला रहे थे। ये अवैध हथियारों को यूपी में सात से आठ व दिल्ली में आठ से 10 हजार में बेचते थे। उन्होंने बताया कि यह सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गैंगस्टरों और बदमाशों को अवैध हथियार सप्लाई करता था। इनके कब्जे से 20 अत्याधुनिक देसी पिस्तौल, 12 कारतूस और भारी मात्रा में मशीनरी बरामद की गई हैं। पहचान गांव खेड़ी रकधान, जिला मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी उपेंद्र (32), गांव कैली दौराला, जिला मेरठ, यूपी निवासी अशरफ अली (50), गांव कपसरह, जिला मेरठ, यूपी निवासी (49), पालम गांव, दिल्ली निवासी भरत उर्फ भारू और गांव बगडोला, सेक्टर-8, द्वारका, दिल्ली (28) इम्तियाज के रूप में हुई है।
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इंस्पेक्टर विजय कुमार बालियान ने 4 जनवरी को सूचना के बाद उनकी टीम ने रजोकरी टी-पॉइंट, कापसहेड़ा, नई दिल्ली के पास घेराबंदी कर एक आरोपी आरोपी भरत उर्फ भारू को पकड़ा गया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक कारतूस बरामद हुआ। आरोपी ने एक अवैध हथियार बनाने वाले सिंडिकेट के बारे में खुलासा किया। जांच में पता लगा कि मेरठ के कैली गांव के रहने वाले अशरफ अली की भूमिका का खुलासा किया। उसने आगे बताया कि अशरफ, अपने साथियों के साथ मिलकर, एक अवैध हथियार फैक्ट्री चला रहा है। ये दिल्ली-एनसीआर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय खूंखार अपराधियों और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर रहा था।
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खेत के बीच बनाते थे अवैध हथियार
आरोपी एक सुनसान खेत वाले इलाके में एक अच्छी तरह से संगठित अवैध हथियार बनाने वाली यूनिट चला रहे थे। वे देसी पिस्तौल बनाने के लिए भारी मशीनरी और कच्चे माल का इस्तेमाल करते थे। आरोपी अपराधियों और गैंगस्टरों की मांग पर अवैध हथियार सप्लाई करते थे। पिछले मामलों में जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने आपराधिक गतिविधियां फिर से शुरू की और पैसे कमाने के लिए हथियार बनाना और सप्लाई करना शुरू कर दिया।

पहले भी शामिल रहे हैं
उपेंद्र, सतीश व अशरफ पहले से 2-2 मामले में शामिल रहे हैं। भरत पहले से हत्या की कोशिश और डकैती के 6 मामलों में शामिल रहा है। इम्तियाज़, निवासी गाँव बगडोला पहले से डकैती, छीनने और आर्म्स एक्ट के 8 मामलों में शामिल रहा है।
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