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UP: रजिस्ट्री कराने पर 40 हजार खरीदारों को मिलेगी 100 करोड़ की राहत, खरीदारों से जुर्माना नहीं लेगा प्राधिकरण
Tue, 23 Jul 2024 10:48 PM IST
श्याम जी.
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:48 PM IST
सार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण रुकी हुई बिल्डर परियोजनाओं में रजिस्ट्री में हुई देरी पर अब खरीदारों से जुर्माना नहीं वसूलेगा। आगामी छह माह में 28 हजार से ज्यादा खरीदारों को भी प्रत्येक रजिस्ट्री में दो से ढाई लाख रुपये का लाभ मिलेगा।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रुकी हुई बिल्डर परियोजनाओं में रजिस्ट्री में हुई देरी पर अब खरीदारों से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जुर्माना नहीं वसूलेगा। सरकार ने रजिस्ट्री में देरी पर लगने वाले जुर्माने की वसूली पर दी छह माह की छूट दी है। इससे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बिल्डर परियोजनाओं में 40 हजार खरीदारों को 100 करोड़ की राहत मिलेगी। फिलहाल, 12 हजार खरीदार इस निर्णय से तत्काल राहत पाएंगे। आगामी छह माह में 28 हजार से ज्यादा खरीदारों को भी प्रत्येक रजिस्ट्री में दो से ढाई लाख रुपये का लाभ मिलेगा।
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दरअसल, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में तय समय सीमा के बाद रजिस्ट्री करवाने में विलंब होने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 100 रुपये प्रतिदिन हर्जाने के तौर पर घर खरीदारों से वसूलता था। जबकि इस समस्या का मुख्य कारण ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का ना होना या बिल्डर द्वारा प्राधिकरण का बकाया न चुकाना होता है। इस अतिरिक्त बोझ को हटाने और घर खरीददारों को बिना गलती के आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए नेफ़ोवा काफी लंबे समय से मांग कर रही थी। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की ओर से शासन में पैरवी के बाद पेनाल्टी पर छह माह की छूट दी गई है।
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यहां बता दें कि ग्रेटर नोएडा में 96 परियोजनाओं में हजारों बायर्स की फ्लैट और रजिस्ट्री रुकी हुई है। इन परियोजनाओं पर प्राधिकरण का हजारों करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे में फ्लैट बायर्स और बिल्डर की समस्या को हल करने के लिए प्राधिकरण ने नीति आयोग द्वारा अमिताभ कांत समिति की सिफारिश को लागू किया। जिनमें बिल्डरों पर बकाए का 25 फीसदी प्राधिकरण में जमा करने के बाद प्राधिकरण ने बायर्स की रजिस्ट्री शुरू कर दी। अमिताभ कांत समिति की सिफारिश लागू होने के बाद रजिस्ट्री में देरी पर बॉयर से भी 100 रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूली का प्रावधान है।
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