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महंगी कारें जीतने का झांसा देकर 500 लोगों से ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार
Sun, 03 Mar 2019 02:36 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 02:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन लाटरी में महंगी कार जीतने का झांसा देकर देशभर के करीब 500 लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले हाई प्रोफाइल ठगों के गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ठग कंपनी शोपित मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के चार डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली के नरेंद्र शर्मा उर्फ कालू (32), सेक्टर-20 नोएडा निवासी राकेश अबरोल (41), राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद के सुनील कुमार यादव (31) और एनआईटी फरीदाबाद निवासी तनुज तलवार (32) को पुलिस ने पकड़ा है।नरेंद्र सिंबोसिस यूनिवर्सिटी से एमबीए और तनुज आईपी यूनिवर्सिटी से बीटेक है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि दो लेफ्टिनेंट कर्नल जय सिंह और विक्रमजीत सिंह ने 11 मई 2017 को ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
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इन्होंने पुलिस को बताया कि कि ई-कॉमर्स वेंचर की शोपित मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने दोनों को ई-मेल कर लाटरी में महंगी कार जीतने का झांसा दिया। दोनों से कहा गया कि उनको बीएमडब्ल्यू कार तब मिलेगी, जब वह उनकी कंपनी से चार लाख रुपये की खरीदारी करेंगे। दोनों झांसे में आ गए और कंपनी से छह लाख रुपये की खरीदारी कर ली।
इसके बाद भी उन्हें बीएमडब्ल्यू कार नहीं दी गई। शिकायत पर लोकल पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच ने भी छानबीन शुरू की। एसीपी श्वेता सिंह चौहान, इंस्पेक्टर कैलाश चंदर की टीम को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि गैंग के सदस्य एस्कार्ट अस्पताल सराय के पास आने वाले हैं। पुलिस ने यहां से नरेंद्र शर्मा को दबोच लिया।
उसकी निशानदेही पर राकेश अबरोल और सुनील कुमार यादव को अलग-अलग जगहों से दबोचा गया। इन तीनों से पूछताछ के बाद शनिवार को पुलिस ने चौथे आरोपी तनुज तलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने देशभर में करीब 500 लोगों से पांच करोड़ से अधिक की ठगी की बात कबूल की।
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दिल्ली के नरेंद्र शर्मा उर्फ कालू (32), सेक्टर-20 नोएडा निवासी राकेश अबरोल (41), राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद के सुनील कुमार यादव (31) और एनआईटी फरीदाबाद निवासी तनुज तलवार (32) को पुलिस ने पकड़ा है।नरेंद्र सिंबोसिस यूनिवर्सिटी से एमबीए और तनुज आईपी यूनिवर्सिटी से बीटेक है।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि दो लेफ्टिनेंट कर्नल जय सिंह और विक्रमजीत सिंह ने 11 मई 2017 को ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
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इन्होंने पुलिस को बताया कि कि ई-कॉमर्स वेंचर की शोपित मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने दोनों को ई-मेल कर लाटरी में महंगी कार जीतने का झांसा दिया। दोनों से कहा गया कि उनको बीएमडब्ल्यू कार तब मिलेगी, जब वह उनकी कंपनी से चार लाख रुपये की खरीदारी करेंगे। दोनों झांसे में आ गए और कंपनी से छह लाख रुपये की खरीदारी कर ली।
इसके बाद भी उन्हें बीएमडब्ल्यू कार नहीं दी गई। शिकायत पर लोकल पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच ने भी छानबीन शुरू की। एसीपी श्वेता सिंह चौहान, इंस्पेक्टर कैलाश चंदर की टीम को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि गैंग के सदस्य एस्कार्ट अस्पताल सराय के पास आने वाले हैं। पुलिस ने यहां से नरेंद्र शर्मा को दबोच लिया।
उसकी निशानदेही पर राकेश अबरोल और सुनील कुमार यादव को अलग-अलग जगहों से दबोचा गया। इन तीनों से पूछताछ के बाद शनिवार को पुलिस ने चौथे आरोपी तनुज तलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने देशभर में करीब 500 लोगों से पांच करोड़ से अधिक की ठगी की बात कबूल की।
ई-मेल कर ऑनलाइन ड्रा से महंगी कार जीतने का देते थे झांसा
लाटरी में महंगी कार जीतने का झांसा देकर 500 लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपियों ने शोपित मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से ऑनलाइन खरीदारी करने वाली कंपनी बनाई थी। इसके जरिये उन्होंने ठगी का धंधा शुरू किया। आरोपी देशभर के लोगों को ई-मेल कर ऑनलाइन ड्रा के जरिये महंगी कार जीतने की बात कहते थे।
जैसे ही पीड़ित उनसे संपर्क करते, आरोपी कंपनी से तीन-चार लाख रुपये का सामान खरीदने का जोर डालते थे। एक बार कंपनी से खरीदारी के बाद व्यक्ति को न तो सामान मिलता और न ही कार। दोनों लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ भी इन लोगों ने ऐसे ही ठगी की थी।
कंपनी का डायरेक्टर बता करते थे ठगी
नरेंद्र शर्मा परिवार के साथ सराय जुलेना गांव में रहता है। उसने डीयू से ग्रेजुएशन के बाद सिंबोसिस यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। कई कॉल सेंटर में काम करने के बाद उसने राकेश अबरोल, सुनील यादव व अन्य के साथ मिलकर ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल खोल लिया। इस कंपनी का नाम शोपित रखा गया।
राकेश अबरोल ने जम्मू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। उसने भी कई कॉल सेंटर में काम करने के बाद अपनी कंपनी खोलकर ठगी शुरू की। सुनील ने डीयू से ग्रेजुएशन किया। दूसरी ओर, तनुज तलवार ने आईपी यूनिवर्सिटी से बीटेक किया हुआ है। चारों खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर ठगी कर रहे थे।
जैसे ही पीड़ित उनसे संपर्क करते, आरोपी कंपनी से तीन-चार लाख रुपये का सामान खरीदने का जोर डालते थे। एक बार कंपनी से खरीदारी के बाद व्यक्ति को न तो सामान मिलता और न ही कार। दोनों लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ भी इन लोगों ने ऐसे ही ठगी की थी।
कंपनी का डायरेक्टर बता करते थे ठगी
नरेंद्र शर्मा परिवार के साथ सराय जुलेना गांव में रहता है। उसने डीयू से ग्रेजुएशन के बाद सिंबोसिस यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। कई कॉल सेंटर में काम करने के बाद उसने राकेश अबरोल, सुनील यादव व अन्य के साथ मिलकर ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल खोल लिया। इस कंपनी का नाम शोपित रखा गया।
राकेश अबरोल ने जम्मू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। उसने भी कई कॉल सेंटर में काम करने के बाद अपनी कंपनी खोलकर ठगी शुरू की। सुनील ने डीयू से ग्रेजुएशन किया। दूसरी ओर, तनुज तलवार ने आईपी यूनिवर्सिटी से बीटेक किया हुआ है। चारों खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर ठगी कर रहे थे।