Delhi Jal Board: गंदे पानी की शिकायत के 34 फीसदी सैंपल फेल, लेकिन जल बोर्ड ने खुद को दी क्लीन चिट
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विस्तार
दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं। जब लोग गंदा पानी आने की शिकायत करते हैं तो ऐसे स्थानों से लिए गए पानी के सैंपल में लगभग 35 फीसदी सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए। लेकिन आश्चर्य है कि जब दिल्ली जल बोर्ड अपने स्तर पर सैंपल लेता है, तो उसे गंदा पानी नहीं मिलता। उसके लिए कुल सैंपल में गंदा पानी सप्लाई होने की मात्रा पांच फीसदी से भी कम बताई गई है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही दिल्ली में पानी की समस्या गंभीर होने लगती है। इस समय जबकि दिल्ली में पारा 43-44 डिग्री पहुंच चुका है, पानी की मांग अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। लेकिन इसी के साथ हर इलाके में पानी की कमी सामने आने लगी है।
आंकड़ों ने खोली पोल
जिन इलाकों के लोग दिल्ली जल बोर्ड से अपने क्षेत्र में गंदा पानी आने की शिकायत करते हैं, उनकी जांच पर एक तिहाई से ज्यादा शिकायत (33.85 फीसदी) सही पाई गईं, यानी ऐसे इलाकों में लोगों को गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा था। लेकिन जब दिल्ली जल बोर्ड अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता की चेकिंग करता है, तो उसके अपने आंकड़ों में केवल 4.67 फीसदी की करीब पानी के सैंपल दूषित पाए गए।
समर एक्शन प्लान के अंतर्गत 2023 में लिए गए सैंपलों की जानकारी
| सैंपल | कुल सैंपल | पास | फेल | फेल प्रतिशत |
| शिकायतों के आधार पर लिए गए कुल सैंपल | 7411 | 4903 | 2508 | 33.85% |
| रूटीन बेस पर लिए गए सैंपल | 1071096 | 104350 | 2846 | 2.65% |
| कुल लिए गए सैंपल | 114607 | 109253 | 5354 | 4.67% |
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर दावा किया है कि राजधानी में भारी मात्रा में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। दिल्ली सरकार अपने दावों पर खरा नहीं उतर रही है। लोगों को पानी पीने के लिए पानी के टैंकर माफियाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इन इलाकों में आ रहा गंदा पानी
लुटियन दिल्ली और कुछ प्रमुख इलाकों को छोड़कर लगभग पूरी दिल्ली में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। इन इलाकों में बहुत अधिक आबादी वाले इलाके लक्ष्मीक नगर, भजनपुरा, रामनगर, अंबेडकर नगर, आनंद पर्वत, हरिनगर, ओखला, संगम विहार, मुस्तफाबाद, करावल नगर, सीलमपुर, बाबरपुर, बवाना और जनकपुरी जैसे इलाके शामिल हैं।
कांग्रेस का आरोप
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि राजधानी के लोगों को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर साल लोगों को साफ पानी पिलाने का वादा करती है, इसका विज्ञापन भी कर दिया जाता है, लेकिन दिल्ली के लोगों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में एक-एक परिवार को पानी पर प्रतिमाह दो से तीन हजार रूपये तक खर्च करना पड़ रहा है।